Rana Daggubati Health Struggle: बाहुबली 2 द कंक्लूजन की जबरदस्त कामयाबी के बाद राणा दग्गुबाती का करियर नई ऊंचाइयों पर था. ‘भल्लालदेव’ के दमदार किरदार ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई. लेकिन इसी सुनहरे दौर के बीच अभिनेता निजी जीवन में एक गंभीर स्वास्थ्य संकट से गुजर रहे थे. राणा किडनी फेलियर और हृदय संबंधी समस्याओं से जूझ रहे थे, जिसकी वजह से उन्हें अचानक अपने काम से दूरी बनानी पड़ी.
अमेरिका में कराया इलाज
स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद राणा इलाज के लिए अमेरिका चले गए, जहां उनका किडनी ट्रांसप्लांट हुआ. यह दौर शारीरिक ही नहीं, मानसिक रूप से भी बेहद चुनौतीपूर्ण था. लंबे समय तक अस्पताल और रिकवरी के बीच उन्होंने खुद को सार्वजनिक जीवन से लगभग अलग कर लिया. करीब एक साल तक उन्होंने सख्त डाइट, नियंत्रित दिनचर्या और मेडिकल निगरानी में रहकर खुद को संभाला.
साइन की फिल्मों के एडवांस लौटाए
रिया चक्रवर्ती के पॉडकास्ट Chapter 2 में राणा ने खुलकर बताया कि बीमारी से पहले उन्होंने कई फिल्में साइन की थीं. उन फिल्मों में कुछ ऐसे किरदार थे, जिनके लिए मजबूत और प्रभावशाली शारीरिक बनावट की जरूरत थी—जैसे एक ताकतवर पहलवान की कहानी. लेकिन सर्जरी और रिकवरी के बाद उन्हें महसूस हुआ कि वे पहले जैसे नहीं दिख रहे. उन्होंने कहा कि उस समय उनका पूरा ध्यान केवल जिंदा रहने और स्वस्थ होने पर था. जब उन्होंने आईने में खुद को देखा, तो उन्हें एहसास हुआ कि उनकी ‘हॉट हीरो’ वाली छवि बदल चुकी है. ऐसे में उन्होंने निर्माताओं से साफ बात की और जिन फिल्मों के लिए एडवांस लिया था, वह रकम तक लौटा दी. राणा के मुताबिक, “मैं उन किरदारों जैसा नहीं दिखता था. इसलिए ऑफर ठुकरा रहा था. मुझे लगा यह ईमानदारी होगी कि मैं पैसे वापस कर दूं.”
बदले रूप को स्वीकारना नहीं था आसान
भारत लौटते समय एयरपोर्ट पर एक इमिग्रेशन अधिकारी ने उन्हें ‘राजा भल्लालदेव’ कहकर पुकारा. यह सुनकर उन्हें याद आया कि सर्जरी से पहले वे कैसे दिखते थे और अब उनका शरीर कितना बदल चुका है.उन्होंने अपने दोस्त और अभिनेता वरुण तेज का जिक्र करते हुए कहा कि एक मुलाकात के दौरान उन्हें लगा कि वरुण उनसे ज्यादा प्रभावशाली दिख रहे हैं. बातचीत के बीच अचानक उन्हें महसूस हुआ कि वे खुद को पहले जैसा पहचान नहीं पा रहे. राणा ने स्वीकार किया कि अपने ही बदले हुए रूप को देखना और उसे स्वीकार करना बेहद उलझन भरा था. उन्होंने कहा कि अगर वे अभिनेता न होते, तो शायद इस बदलाव का दबाव अलग तरह से महसूस होता.
मुश्किल दौर के बाद नई शुरुआत
हालांकि यह दौर उनके लिए बेहद कठिन था, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी. अमेरिका में एक साल तक अनुशासित जीवनशैली अपनाने के बाद वे भारत लौटे और धीरे-धीरे काम पर वापसी की. राणा दग्गुबाती की यह कहानी सिर्फ एक अभिनेता के करियर की नहीं, बल्कि बीमारी, मानसिक संघर्ष और आत्मस्वीकार की भी कहानी है. सुपरस्टार छवि के पीछे छिपी यह जंग दिखाती है कि चमक-दमक की दुनिया में भी इंसान को निजी लड़ाइयां लड़नी पड़ती हैं और हिम्मत के साथ वह उनसे उबर भी सकता है.