Shreyas Mishra JEE Topper 2026: दिल्ली के श्रेयस मिश्रा ने ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (जेईई) मेन जनवरी सेशन 2026 में 100 पर्सेंटाइल हासिल कर देशभर में टॉप करने वाले 12 छात्रों में जगह बनाई है. ये सफलता उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में प्राप्त की. श्रेयस का कहना है कि गणित के प्रति उनकी गहरी रुचि ने उन्हें इस एग्जाम की तैयारी के लिए प्रेरित किया.
श्रेयस ने बताया कि वे प्रतिदिन आठ से नौ घंटे पढ़ाई करते थे. उन्होंने मेन रूप से अपने संस्थान द्वारा उपलब्ध कराई गई अध्ययन सामग्री पर ध्यान दिया. पिछले दो से तीन सालों से उन्होंने खुद को लगभग पूरी तरह पढ़ाई में लगा दिया था. उन्होंने दोस्तों से दूरी बना ली और सोशल मीडिया का इस्तेमाल बंद कर दिया ताकि उनका पूरा ध्यान तैयारी पर रहे.
मॉक टेस्ट और पुराने प्रश्न पत्रों से मिली मदद
एग्जाम से कुछ दिन पहले श्रेयस ने मॉक टेस्ट और पिछले सालों के प्रश्न पत्रों पर विशेष ध्यान दिया. वे रोजाना एक या दो मॉक टेस्ट हल करते थे. उनका मानना है कि इससे उन्हें एग्जाम के पैटर्न को समझने और समय प्रबंधन में काफी मदद मिली. नियमित अभ्यास से उनका कॉन्फिडेंस भी बढ़ा.
अगला लक्ष्य जेईई एडवांस्ड
अब श्रेयस का अगला लक्ष्य जेईई एडवांस्ड में अच्छा रैंक लाना है. उन्होंने बताया कि वे इसकी तैयारी भी पूरी लगन से कर रहे हैं. अगर किसी कारण से जेईई के माध्यम से प्रवेश नहीं मिलता, तो वे बेंगलुरु स्थित भारतीय विज्ञान संस्थान में गणित की पढ़ाई करना चाहते हैं.
बोर्ड परीक्षा को लेकर भी कॉन्फिडेंस
श्रेयस रोहिणी स्थित कुलाची हंसराज डीएवी स्कूल के छात्र हैं और इस साल वे कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षा में भी शामिल होंगे. उन्हें भरोसा है कि वे बोर्ड परीक्षा में भी अच्छे अंक प्राप्त करेंगे.
श्रेयस की इस उपलब्धि से उनका परिवार बेहद खुश है. उनके पिता सुमंत मिश्रा साइबर सुरक्षा सलाहकार हैं और माता एक निजी विश्वविद्यालय में कंप्यूटर विज्ञान विभाग में एसोसिएट प्रोफेसर हैं. उनके पिता का कहना है कि श्रेयस की मेहनत और समर्पण ही उसकी सफलता की असली वजह है. परिवार ने हमेशा उसे नैतिक सपोर्ट दिया.
अन्य टॉपर्स के नाम
जेईई मेन जनवरी सेशन 2026 में 100 पर्सेंटाइल हासिल करने वाले अन्य छात्रों में कबीर चिल्लर, चिरंजीब कर, अर्नव गौतम (राजस्थान), नरेंद्रबाबू गारी महित और पसाला मोहित (आंध्र प्रदेश), शुभम कुमार (बिहार), भवेश पात्रा (ओडिशा), माधव विराडिया (महाराष्ट्र), पुरोहित निमय (गुजरात), विवान शरद महेश्वरी (तेलंगाना) और अनय जैन (हरियाणा) शामिल हैं.