Home > देश > Railways Projects Major: कई राज्यों में बिछेगा रेलवे का जाल, कसारा–मनमाड़ और दिल्ली–अंबाला जैसी बड़ी परियोजनाओं को मिली मंजूरी

Railways Projects Major: कई राज्यों में बिछेगा रेलवे का जाल, कसारा–मनमाड़ और दिल्ली–अंबाला जैसी बड़ी परियोजनाओं को मिली मंजूरी

Railways Projects Major: केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता वाली साउथ ब्लॉक की अंतिम केबिनेट बैठक में रेलवे नेटवर्क को मजबूत करने के लिए कई बड़े प्रोजेक्टों को मंजूरी दी गई.

By: Ranjana Sharma | Last Updated: February 14, 2026 2:47:40 PM IST



Railways Projects Major: देश के कई राज्यों में अब रेलवे का जाल बिछने जा रहा है. केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केबिनेट की बैठक साउथ ब्लॉक में आयोजित होने वाली अंतिम बैठक थी. अब भविष्य में सभी केबिनेट बैठकें सेवा तीर्थ में आयोजित होंगी. इस बैठक में देश के रेलवे नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए कई बड़े प्रोजेक्टों को मंजूरी दी गई. ये है प्रमुख रेलवे प्रोजेक्ट…

कसारा–मनमाड़ रेल लाइन

केबिनेट ने इस परियोजना की तीसरी और चौथी लाइन को मंजूरी दी. यह रेल परियोजना 316 किलोमीटर लंबी होगी और इसकी अनुमानित लागत 10,154 करोड़ रुपये है. इसे चार साल के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इस प्रोजेक्ट से मुंबई और पुणे के बीच यातायात की गति और क्षमता दोनों में सुधार आएगा.

दिल्ली–अंबाला रेल लाइन

तीसरी और चौथी लाइन के लिए भी केबिनेट ने मंजूरी दी. इस रेल लाइन की लंबाई 194 किलोमीटर होगी और अनुमानित लागत 5,983 करोड़ रुपये है. चार साल में पूरा होने वाली इस परियोजना से दिल्ली-हरियाणा-पंजाब क्षेत्र में यातायात की सुविधा बढ़ेगी और माल एवं यात्री परिवहन दोनों में तेजी आएगी.

बेल्लारी–होस्पेट रेल लाइन

तीसरी और चौथी लाइन को मंजूरी दी गई है. यह रेल परियोजना 65 किलोमीटर लंबी होगी और अनुमानित लागत 2,372 करोड़ रुपये है. चार साल में पूरा होने वाला यह प्रोजेक्ट कर्नाटक के औद्योगिक और आर्थिक क्षेत्रों को बेहतर रेल नेटवर्क से जोड़ेगा और स्थानीय कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा.

गौहपुर–नुमालगढ़ अंडरवाटर टनल 

केबिनेट ने ब्रह्मपुत्र नदी के नीचे 33.77 किलोमीटर लंबी अंडरवाटर टनल बनाने को मंजूरी दी. इस टनल का आधा सेक्शन हाईवे के लिए और आधा सेक्शन रेल के लिए होगा. अनुमानित लागत 18,662 करोड़ रुपये है. यह परियोजना पूर्वोत्तर में रेलवे और सड़क कनेक्टिविटी को नई दिशा देगी और क्षेत्रीय विकास को गति प्रदान करेगी.

विकास और कनेक्टिविटी पर असर

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि इन परियोजनाओं से यात्री और माल परिवहन की गति में सुधार होगा. साथ ही, देश के औद्योगिक और वाणिज्यिक केंद्र भी बेहतर रेल नेटवर्क से जुड़े होंगे. उन्होंने कहा,ये प्रोजेक्ट रेलवे क्षमता बढ़ाने क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मजबूत करने और आर्थिक विकास को तेज करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं.

अब निर्णय सेवा तीर्थ में होंगे

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि बुधवार को पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केबिनेट की बैठक साउथ ब्लॉक में आयोजित होने वाली अंतिम बैठक थी. अब देश की सभी भविष्य की केबिनेट बैठकें नए सेवा तीर्थ परिसर में होंगी, जिसे आधुनिक सुविधाओं और रणनीतिक योजनाओं को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है.

Advertisement