Home > धर्म > Ramadan 2026 : रूहानियत का महीना जल्द शुरू! रमजान 2026 में पहला रोजा कब? क्या-क्या नहीं कर सकते, पूरा गाइडलाइन यहां

Ramadan 2026 : रूहानियत का महीना जल्द शुरू! रमजान 2026 में पहला रोजा कब? क्या-क्या नहीं कर सकते, पूरा गाइडलाइन यहां

Ramadan 2026 : मुबारक का वह महीना आ चुका है जिसका पूरी दुनिया के मुसलमान बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. इन दिनों फिज़ाओं में रूहानियत, कुरान की तिलावत और इफ्तार की खुशबू हर तरफ अपनी महक फैलाएगी. रमजान 2026 की तारीख को लेकर लोगों के मन में काफी सवाल हैं. आइए जानते हैं कब से शुरु हो रहा रूहानियत का ये महीना...

By: Preeti Rajput | Published: February 13, 2026 1:22:42 PM IST



Ramadan 2026 : रमजान का वह मुबारक महीना आ गया है जिसका मुसलमानों को बेसब्री से इंतजार था. इस पूरे महीने में फिज़ाओं में रूहानियत, मस्जिदों में कुरान की तिलावत और इफ्तार की खुशबू हर तरफ फैली होगी. रमजान 2026 की तारीखों को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल आ रहे हैं. आइए जानते हैं किस दिन से आप रोजा रखना शुरु कर सकते हैं. 

कब से शुरु होगा पवित्र महीना?

इस्लामिक हिजरी कैलेंडर के मुताबिक, रमजान नौवां और सबसे पवित्र महीना माना जाता है. इसकी शुरुआत पूरी तरह से चांद के दीदार पर टिकी होती है. जानकारी के मुताबिक, 19 फरवरी 2026 को पहला रोजा रखा जाए. अगर 18 फरवरी की शाम को शाबान का चांद दिखता है, तो उसी रात से तरावीह शुरु हो जाती है.

कब बनेगी मीठी ईद?

29 या 30 रोजों की इबादत के बाद शव्वाल महीने की पहली तारीख को मीठी ईद मनाई जाती है. अगर रमजान 19 फरवरी से शुरु होता है, तो 20 या फिर 21 मार्च को देश भर में ईद-उल-फित्र का जश्न मनाया जा सकता है. यह दिन न केवल जश्न का है, बल्कि अल्लाह को शुक्रिया और आपसी नफरत मिटाने का महीना है. 

सहरी और इफ्तार का मतलब 

  • सहरी (Sehri): सूरज निकलने से पहले का भोजन सहरी कहलाता है. यह सिर्फ अपना पेट भरने के लिए नहीं होता है, बल्कि पूरे दिन की इबादत के लिए नीयत और ऊर्जा का हिस्सा है. 
  • इफ्तार (Iftar): शाम की अजान के साथ खजूर और पानी से रोजा खोला जाता है. पूरे परिवार की सामूहिक दुआ के साथ दस्तरख्वान पर सजे फल और शरबत के साथ रोजा खोला जाता है. 

Mahashivratri 2026 Upay: रुद्राभिषेक के बाद बीमार इंसान के साथ कर दें ये चीज, झट से स्वस्थ हो जाता शख्स

अलविदा जुमा का महत्व

रमजान के आखिरी 10 दिनों की रातों में 5 शबे कद्र की रात होती हैं. जिस रात को दुआ मांगने के साथ अपने गुनाहों की माफी मांगी जाती है. वहीं रमजान का आखिरी शुक्रवार अलविदा जुमा कहलाता है, जिसमें दुनिया भर की मस्जिदों में अमन और चैन की दुआएं मांगी जाती हैं. 

रमजान में क्या नहीं करना चाहिए? 

  • रोज़ा बहुत पवित्र काम है, और इस दौरान सेक्स से भी बचना चाहिए.
  • टूथब्रश का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.
  • रोज़ा रखने के बाद दवा नहीं खानी चाहिए.
  • रमज़ान के दौरान म्यूज़िक सुनने, टीवी देखने या फ़िल्में देखने से बचें.  

Mahashivratri puja vidhi: महाशिवरात्रि पर भूलकर भी न करें ये 5 काम,: पूजा में ये गलतियां पड़ सकती हैं भारी

Advertisement