Silver Price Today | Aaj Chandi ka Bhav | Silver Rate Today 9 February 2026: बीते हफ्ते भारी उतार-चढ़ाव के बाद सोमवार को सोना और चांदी की कीमतों में फिर तेजी देखी गई. घरेलू बाजार में दोनों धातुओं के भाव ऊपर की ओर गए, जिससे निवेशकों का ध्यान एक बार फिर इस पर टिका है. बुलियन बाजार के आंकड़ों के अनुसार चांदी के दाम में करीब 14,800 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई और ये लगभग 2.65 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई. वहीं सोना भी करीब 3,050 रुपये महंगा होकर 10 ग्राम के लिए 1.58 लाख रुपये के आसपास आ गया.
शुरुआती कारोबार में एमसीएक्स पर भी यही रुख दिखा. यहां चांदी लगभग 5,185 रुपये चढ़कर 2.49 लाख रुपये प्रति किलो पर पहुंची, जबकि सोना करीब 3,428 रुपये की तेजी के साथ 1.55 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा.
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में स्थिति
विदेशी बाजारों में भी सोने-चांदी की कीमतों में मजबूती रही. एशियाई कारोबार के दौरान सोना करीब 1.18 फीसदी बढ़कर 5,040 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया. वहीं चांदी में और ज्यादा उछाल देखा गया और इसके दाम लगभग 3.39 फीसदी बढ़कर 79.89 डॉलर प्रति औंस हो गए.
रिकॉर्ड लेवल से अभी दूरी
हालांकि मौजूदा तेजी के बावजूद सोना और चांदी दोनों अपने अब तक के सबसे ऊंचे लेवल से नीचे हैं. सोना अपने रिकॉर्ड भाव 5,608.35 डॉलर प्रति औंस से करीब 11 फीसदी कम है. वहीं चांदी जनवरी में बने 121.67 डॉलर प्रति औंस के उच्च स्तर से अब भी काफी नीचे चल रही है.
तेजी के पीछे क्या वजह रही?
इस बढ़त की एक बड़ी वजह जापान में हुए चुनाव बताए जा रहे हैं. वहां प्रधानमंत्री साने ताकाइची की जीत के बाद सरकार की आर्थिक नीतियों में नरमी की उम्मीद बढ़ी है. इससे जापानी येन पर दबाव बना हुआ है, जो आम तौर पर सोने जैसी सुरक्षित धातुओं के लिए अनुकूल माना जाता है. इसी कारण निवेशकों की रुचि इन धातुओं में बढ़ी है.
अमेरिका से आने वाले आंकड़ों पर नजर
अब निवेशक अमेरिका से आने वाले अहम आर्थिक आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं. माना जा रहा है कि जनवरी महीने के रोजगार से जुड़े आंकड़े और महंगाई के आंकड़े आगे की मौद्रिक नीति को लेकर संकेत दे सकते हैं. इन्हीं संकेतों के आधार पर सोना-चांदी की आगे की चाल तय हो सकती है.
पिछले हफ्ते क्यों गिरी थीं कीमतें?
पिछले सप्ताह सोना और चांदी दोनों में गिरावट देखने को मिली थी. इसकी वजह मुनाफावसूली, डॉलर की मजबूती और बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी रही. इन कारणों से सुरक्षित निवेश के तौर पर इन धातुओं की मांग कुछ समय के लिए कमजोर पड़ गई थी.
कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अमेरिकी आर्थिक आंकड़े सोना-चांदी की कीमतों को दिशा देने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.