Sciatica Disease: साइटिका तब होता है, जब किसी व्यक्ति के निचले हिस्से से लेकर पैरों तक जानें वाली नसों में जलन, सूजन, दबाव या चुभन होने लगती हैं. आमतौर पर यह कोई गंभीर बीमारी नहीं है. साइटिका से पीड़ित अधिकांश लोग घर पर ही उपचार करके अपने आपको ठीक कर सकते हैं. लेकिन गंभीर मामलों में सर्जरी की भी जरुरत पड़ जाती है.
क्या है साइटिका?
शरीर के अंदर साइटिक नस सबसे लंबी और मोटी होती है. यह नस करीब 2 सेंटीमीटर तक चौड़ी होती है. यह केवल एक नस नहीं होती बल्कि नसों का एक समूह होता है, जो रीढ़ की हड्डी से निकले वाली पांच तंत्रिका की जड़ों से बनता है. शरीर के दोनों तरफ दो साइटिक नसें होती हैं. दोनों साइटिक नस एक तरफ कूल्हे और नितंब से होकर गुजरती है. यह नसें पैंर के नीचे तक जाती हैं. घुटने के ठीक नीचे तक पहुंचने के बाद यह अन्य नसों में विभाजित हो जाती हैं, जो नीचे के अंगों को आपस में जोड़ देती हैं. जिनमें पैर का निचला हिस्सा शामिल होता है.
कितना आम है साइटिका?
साइटिका एक आम समस्या है. अमेरिका में लगभग 40 प्रतिशत लोग अपनी लाइफ में किसी न किसी प्रकार से साइटिका का अनुभव करते हैं. चोट से जुड़े मामलों को छोड़कर 20 साल की आयु से पहले यह कम लोगों में दिखता है.
साइटिका के लक्षण क्या हैं?
दर्द प्रभावित नसों पर दबाव पड़ने के कारण यह बीमारी होती है. लोग इस दर्द को जलन या बिजली के झटके जैसा बताते हैं. यह दर्द अक्सर पैर के वीचे की तरफ फैलता है. पीठ के बल लेटने पर ऊपर उठाने पर आमतौर पर दर्द ज्यादा होने लगता है. झुनझुनी या सुई चुभने जैसा एहसास भी होने लगता है. कई बार पैर सुन्न भी पड़ जाते हैं. मांसपेशियों में कमजोरी. यह एक अधिक गंभीर लक्षण है.
क्यों होता है साइटिका?
साइटिका किसी भी कारण हो सकता है. यह साइटिका तंत्रिता को प्रभावित करती है. यह उन प्रस्थितियों के कारण भी हो सकता है, जो पांच रीढ़ की नसों में से किसी एक को भी प्रभावित करती हैं, यह नसें मिलकर साइटिका तंत्रिता बनाती हैं.