Home > व्यापार > Bank Strike: क्या आपके इलाके में भी है बैंक बंद, यहां जानें क्या है वजह और कब तक पड़ा रहेगा ताला?

Bank Strike: क्या आपके इलाके में भी है बैंक बंद, यहां जानें क्या है वजह और कब तक पड़ा रहेगा ताला?

Bank Strike Today:देशव्यापी हड़ताल के कारण 27 जनवरी को पब्लिक सेक्टर के बैंकों में बड़ी दिक्कतें आ सकती हैं. प्राइवेट बैंकों के सामान्य रूप से काम करने की उम्मीद है.

By: Preeti Rajput | Published: January 27, 2026 1:40:09 PM IST



Bank Strike Today: देशभर के पब्लिक सेक्टर बैंकों में मंगलवार को बैंकिंग कामकाज में रुकावट आ सकती है, क्योंकि बैंक यूनियनें पांच दिन के वर्किंग वीक को तुरंत लागू करने की मांग को लेकर देशव्यापी हड़ताल पर जा रही हैं. 

किसने बुलाई ये हड़ताल? 

दरअसल, यह हड़ताल यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) द्वारा बुलाई गई है। यह बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों  का प्रतिनिधित्व करने वाली नौ यूनियनों का एक अम्ब्रेला संगठन है. यूनियन नेताओं का कहना है कि “यह कदम 22 और 23 जनवरी को मुख्य श्रम आयुक्त के साथ बैठकों के विफल होने के बाद लिया  गया है। क्योंकि उनकी मांग पर कोई आश्वासन नहीं दिया गया था। बैंक पहले से ही 23 जनवरी, 24 जनवरी, 25 जनवरी और 26 जनवरी को बंद हैं. 

AIBEA ने दी जानकारी 

ऑल इंडिया बैंक एम्प्लॉइज एसोसिएशन (AIBEA) के महासचिव सी.एच. वेंकटचलम ने कहा कि “सुलह की कार्यवाही के दौरान विस्तृत चर्चा के बावजूद, हमारी मांग पर कोई आश्वासन नहीं दिया गया। इसलिय, हमें हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर होना प़ड़ा है।”

कौन सी सेवाएं प्रभावित होंगी?

पब्लिक सेक्टर बैंकों जिनमें स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, और बैंक ऑफ बड़ौदा शामिल हैं. इन बैंकों में कैश जमा, निकासी, चेक क्लीयरेंस और प्रशासनिक काम जैसी ब्रांच लेवल की सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। हालांकि,  ICICI बैंक और एक्सिस बैंक जैसे बड़े प्राइवेट सेक्टर के संगठनों पर काफी ज्यादा असर देखने को मिल सकता है। मोबाइल और इंटरनेट बैंकिंग सहित डिजिटल बैंकिंग सेवाओं में देरी हो सकती है.

यूनियनें हड़ताल क्यों कर रही हैं?

यूनियनें की मांग है कि सभी शनिवार को छुट्टी घोषित किया जाए, एक ऐसा प्रस्ताव जिस पर उनके अनुसार मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (IBA) के साथ 12वें द्विपक्षीय समझौते के दौरान सहमति बनी थी, लेकिन सरकार ने अभी तक इसे नोटिफाई नहीं किया है. ऑल इंडिया बैंक ऑफिसर्स कॉन्फेडरेशन (AIBOC) के जनरल कंसल्टेंट रूपम रॉय ने कहा, “यह सरकार है जो हमारी मांग पर जवाब नहीं दे रही है. मैन-आवर्स का कोई नुकसान नहीं होगा क्योंकि हम सोमवार से शुक्रवार तक हर दिन 40 मिनट ज़्यादा काम करने पर सहमत हो गए हैं.”  

Advertisement