Vision Loss And Diabetes: डायबिटीज एक खरतरनाक बिमारी है, इसका असर शरीर के दूसरे अंगों पर भी नजर आता है. मधुमेह या डायबिटीज आपकी आखों को गहरा असर डाल सकती है. इसकी वजह से बहुत से आंखों से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं.
जब आपके ब्लड में ग्लूकोज (Glucose) का स्तर बहुत अधिक हो जाता है, तो मधुमेह आपकी आंखों को प्रभावित करता है. डायबिटीज वाले लोगों को सबसे पहले आंखों पर इसका असर दिखाई देता है.
कई लोग इस बात को मानते हैं कि उम्र के साथ-साथ हमारी नजर पर भी इसका असर पड़ता है, लेकिन ऐसा बिलकुल भी नहीं है. आजकल युवा यहां कि तक की टीनऐजर भी डायबिटिक रेटिनोपैथी (Diabetic Retinopathy) से परेशान हैं. जिस वजह से आंखों की रोशनी जा सकती है.
डायबिटीज से होने से आंखों की रोशनी को खतरे में डालने वाली बीमारियों, जैसे कि डायबिटिक रेटिनोपैथी , मोतियाबिंद और ग्लूकोमा से आंखों को होने वाली हानि का खतरा बढ़ सकता है .
डायबिटीज से होने वाली बिमारियां
डायबिटीज की वजह से आपको आंखों की यह बिमारियां हो सकती है, जो अंधेपन का कारण बन सकती हैं.
डायबिटिक रेटिनोपैथी
डायबिटिक मैकुलर एडिमा
मोतियाबिंद
ग्लूकोमा (काले मोतिया),
ड्राई आई सिंड्रोम
रक्तप्रवाह (Bloodstream) में शर्करा (Sugar) का हाई लेवल पूरे शरीर में रक्त वाहिकाओं (Blood Vessels) को नुकसान पहुंचा सकती है, जिसमें आंखों की रेटिना भी शामिल है.
शरीर में ग्लूकोज का लेवल लंबे समय तक ज्यादा रहने से न केवल आपकी आंखों की छोटी रक्त वाहिकाएं (Small Blood Vessels) खराब हो जाएंगी, बल्कि यह आपकी आंख के लेंस के आकार को भी प्रभावित कर सकती है और धुंधलेपन का कारण बन सकती है.
लक्ष्ण क्या हैं?
इसके शुरुवाती लक्ष्णों की बात करें तो पहले हल्का-हल्का धुंधला दिखना, जल्दी -जल्दी आंखों का नंबर बदलना, यह रेटिनोपैथी का कारण हो सकता है.
कैसे रखें ख्याल?
इस समयस्या से निजात पाने के लिए सबसे जरूरी है आप अपने मधुमेध को कंट्रोल में रखें और समय-समय पर अपनी आंखों का चेकअप करवाते रहें.