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Mahashivratri 2026 Date: साल 2026 में महाशिवरात्रि कब 15 या 16 फरवरी? यहां जानें सही डेट

Mahashivratri 2026 Date: हिंदू धर्म में महाशिवरात्रि के व्रत का विशेष महत्व है. यह दिन शिव और शक्ति के मिलन का दिन है. हिंदू धर्म में इस पर्व को बहुत विशेष रूप से मनाया जाता है. जानते हैं साल 2026 में किस दिन पड़ रही है महाशिवरात्रि.

By: Tavishi Kalra | Published: January 24, 2026 8:59:51 AM IST



Mahashivratri 2026 Date: महाशिवरात्रि का पर्व हिंदू धर्म में खास महत्व रखता है. इस शुभ दिन पर देवों के देव महादेव का विवाह माता पार्वती के साथ हुआ था. महाशिवरात्रि के मां पार्वती और भोलेनाथ की पूजा की जाती है उनके लिए व्रत किया जाता है साथ ही इस दिन उनका अभिषेक भी किया जाता है. जानते हैं साल 2026 में महाशिवरात्रि कब है.

हर साल महाशिवरात्रि का व्रत फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को पड़ता है. इस दिन का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है. लोग पूरे साल महाशिवरात्रि का इंतजार करते हैं और भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना करते हैं. इस दिन भगवान शिव के अभिषेक का विशेष महत्व है. 

साल 2026 में महाशिवरात्रि कब?

फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 15 फरवरी, रविवार के दिन शाम को 5 बजकर 5 मिनट पर होगी,  वहीं, इसका समापन अगले दिन यानी 16 फरवरी, सोमवार को शाम के 5 बजकर 35 मिनट चतुर्दशी तिथि व्याप्त होगी. शास्त्रों के अनुसार, जिस रात में निशिता काल में चतुर्दशी तिथि का संयोग बनता है उसी दिन शिवरात्रि मनाई जाती है.

इसी कारण महाशिवरात्रि का व्रत और पूजा करना 15 फरवरी को ही की जाएगी.

शिवरात्रि पूजा रात्रि के समय एक बार या चार बार की जा सकती है. रात्रि के चार प्रहर होते हैं, और हर प्रहर में शिव पूजा की जा सकती है

  • रात्रि प्रथम प्रहर पूजा समय – शाम 6:11 से रात 9:23
  • रात्रि द्वितीय प्रहर पूजा समय – रात 9:23 से 12:35+
  • रात्रि तृतीय प्रहर पूजा समय – रात 12:35+ से 3:47+
  • रात्रि चतुर्थ प्रहर पूजा समय – 3:47+ से 6:59+

व्रत विधि

  • महाशिवरात्रि के दिन सुबह उठकर व्रत का संक्लप लें.
  • घर पर शिवजी की पूजा करने के बाद मंदिर जाकर शिवलिंग पर दूध, जल, शहद, धतूरा, बेलपत्र अर्पित करें.
  • अपनी मनोकामना को मन ही मन अपने प्रतिज्ञा को दोहराएं.
  • शाम के समय प्रहर की पूजा करें और शिवलिंग पर रूद्रशिषेक करें.

महाशिवरात्रि व्रत शिव पूजा और पारण दोनों की चतुर्दशी तिथि अस्त होने से पहले करना चाहिए. 16 फरवरी 2026 को, शिवरात्रि पारण समय – 06:59 से 15:24 रहेगा.

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Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. Inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता 

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