Basant Panchami 2026 Mantra: बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा-अर्चना की जाती है. मां सरस्वती ज्ञान, कला, विद्या की देवी है. इनकी पूजा करने से ना केवल ज्ञान की प्राप्ति होती है बल्कि मां सरस्वती का आशीर्वाद बना रहता है. मां सरस्वती का प्राकट्य माघ मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को हुआ था. साल 2026 में बसंत पंचमी का पर्व 23 जनवरी को मनाया जा रहा है. इस दिन पूजा के साथ-साथ उनके मंत्रों के जाप करने का विशेष महत्व है. मां सरस्वती के मंत्रों का जाप करने से ज्ञान की प्राप्ति होती है.
मां सरस्वती के पूजा मंत्र
ॐ ऐं ह्रीं श्रीं वाग्देव्यै सरस्वत्यै नमः ।
सरस्वति नमस्तुभ्यं वरदे कामरूपिणि ।
विद्यारम्भं करिष्यामि सिद्धिर्भवतु मे सदा ॥
स्टूडेंट्स को रोज सुबह स्नान के बाद इस मंत्र का जाप करना चाहिए. इन मंत्रों का जाप कम से कम 11,21,51 या 108 बार करें.
सरस्वत्यै नमो नित्यं भद्रकाल्यै नमो नम:।
वेद वेदान्त वेदांग विद्यास्थानेभ्य एव च।।
सरस्वति महाभागे विद्ये कमललोचने।
विद्यारूपे विशालाक्षी विद्यां देहि नमोस्तुते।।
ॐ शारदा माता ईश्वरी मैं नित सुमरि तोय हाथ जोड़ अरजी करूं विद्या वर दे मोय।
नमस्ते शारदे देवी, काश्मीरपुर वासिनी,
त्वामहं प्रार्थये नित्यं, विद्या दानं च देहि में,
कंबू कंठी सुताम्रोष्ठी सर्वाभरणंभूषिता,
महासरस्वती देवी, जिव्हाग्रे सन्नी विश्यताम् ।।
शारदायै नमस्तुभ्यं , मम ह्रदय प्रवेशिनी,
परीक्षायां समुत्तीर्णं, सर्व विषय नाम यथा।।
ॐ सरस्वती मया दृष्ट्वा, वीणा पुस्तक धारणीम् ।
हंस वाहिनी समायुक्ता मां विद्या दान करोतु में ॐ ।।
कैसे करें सरस्वती माता के मंत्र का जाप?
सरस्वती मंत्र जाप करने के लिए सुबह, ब्रह्म मुहूर्त में स्नान के बाद पीले रंग के वस्त्र धारण करें, एक साफ-सुथरा और शांत स्थान चुनें, पूर्व या उत्तर (East or North Direction) दिशा की ओर मुख करके बैठें. माता सरस्वती की मूर्ति के सामने घी का दीपक जलाकर, मंत्र का नियमित रूप से जाप करें.
Basant Panchami 2026: बसंत पंचमी आज, जानें सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त, मंत्र, भोग और विधि
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