Lowest Cut Off Engineering Branch at IIT: जॉइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन (मेन) 2026 के जनवरी सेशन की परीक्षा 21 जनवरी से शुरु होने जा रही है. इस परीक्षा को क्वालीफाई करने वाले छात्रों को देश के बेहतरीन इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट IIT में एडमिशन दिया जाएगा. लेकिन IIT एडमिशन में अभी भी स्पेशलाइज्ड कोर डिसिप्लिन और हाई-डिमांड टेक ब्रांच के बीच एक बड़ा अंतर देखने को मिलता है. यहां के कॉलोज के स्पेशलाइज्ड फील्ड उन छात्रों के करियर के लिए नए रास्ते खोज देते हैं. जिस किसी की रैंक 10000 या 15000 से अधिक होती है. वह टॉप-टियर इंस्टीट्यूट्स में एडमिशन ले लेते हैं. इस साल जो भी छात्र जेईई की परीक्षा देने की तैयारी कर रहे हैं. इस साल उन्हें पूरी मेहनत से परीक्षा देनी होगी.
किन कॉलेज में रहती है सबसे कम कटऑफ?
टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी, एग्रीकल्चरल एंड फूड इंजीनियरिंग, माइनिंग इंजीनियरिंग और एनवायरनमेंटल साइंस इंजीनियरिंग के ब्रांच है, जिनकी सबसे कम cut-off जाती है. इसका मतलब है कि इनमें सबसे ज्यादा न्यूमेरिकल क्लोजिंग रैंक होती है. IIT खड़गपुर जैसे इंस्टीट्यूट में एग्रीकल्चरल एंड फूड इंजीनियरिंग जैसे अच्छे कोर्स मिल जाते हैं. जिनकी क्लोजिंग रैंक 10,500 से 11,500 के आसपास रहती है. वहीं IIT (ISM) धनबाद में माइनिंग इंजीनियरिंग में कुछ ज्यादा हो सकती है. अक्सर बाद के JoSAA राउंड में यह 15,000 से 16,000 के मार्क को छू जाती है.
कितनी रैंक के साथ मिल सकता है एडमिशन?
IIT दिल्ली की टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी उन लोगों के लिए एक बेहतरीन ऑप्शन है, जो लगभग 600 रैंक के साथ एडमिशन लेना चाहते हैं औऱ ‘IIT दिल्ली का टैग’ चाहते हैं. ये ब्रांच कोर इंडस्ट्रियल एरिया के लिए सबसे ज्यादा जरुरी है. लेकन छात्रों के सॉफ्टवेयर-ओरिएंटेड रोल को ज्यादा पसंद करने के कारण यह कम कॉम्पिटिटिव बनी हुई हैं. इन फील्ड को चुनना अक्सर एक स्ट्रैटेजिक कदम होता है. इसी का फायदा उठाकर छात्र टॉप-क्लास IIT माहौल, एलुमनाई नेटवर्क और मल्टीडिसिप्लिनरी इंडिपेंडेंस के साथ पढ़कर अपना करियर बनाते हैं. आसान कट-ऑफ अक्सर जियोलॉजी, जियोफिजिक्स और केमिस्ट्री ) प्रोग्राम में पाई जाती हैं, जो IIT बॉम्बे या IIT रुड़की में भी आसानी से मिल जाती है.
सबसे कम कटऑफ वाली IIT ब्रांच
2026 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) में दाखिला पाने के लिए हाई रैंक वाले कैंपस और एक हाई-डिमांड ब्रांच के बीच एक ऑप्शन चुनना होगा. जिसकी 5,000 से 10,000 की रेंज से काफी ज्यादा क्लोजिंग रैंक के नीचे दी गई ब्रांच जनरल कैटेगरी के लिए IIT में प्रवेयस करने के लिए आसान तरीका है. कंप्यूटर साइंस में कॉम्पिटिशन के बावजूद, ये स्पेशलाइज्ड फील्ड कई और फायदे भी दे सकती है. माइनिंग एंड एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग डिपार्टमेंट IIT खड़गपुर और IIT (ISM) धनबाद में मौजूद है. यहां के स्टूडेंट्स को अक्सर कोर और नॉन-कोर फील्ड में नौकरियां मिल जाती हैं. अप्लाइड जियोलॉजी और बायोलॉजिकल साइंसेज कोर्स भी IIT बॉम्बे या IIT मद्रास में मिल सकते हैं.
क्लोजिंग रैंक (जनरल)
- माइनिंग मशीनरी इंजीनियरिंग – IIT (ISM) धनबाद – 15,500 – 16,500
- एप्लाइड जियोलॉजी (5-साल) – IIT खड़गपुर / रुड़की – 12,500 – 14,500
- एग्रीकल्चरल एंड फूड इंजीनियरिंग – IIT खड़गपुर – 10,500 – 11,500
- बायोलॉजिकल साइंसेज – IIT मद्रास – 9,500 – 10,000
- टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी – IIT दिल्ली – 5,800 – 6,200
IIT में कैसे लें एडमिशन?
- 12वीं पास करें (Eligibility)
- जनरल/OBC/EWS के लिए कम से कम 75% अंक
JEE Main 2026 दें
- पेपर-1 (B.Tech/B.E.) क्वालिफाई करना जरूरी.
- 50,000 कैंडिडेट्स में आना होगा, तभी JEE Advanced का मौका मिलेगा.
JEE Advanced 2026 दें
- ऑफिशियल वेबसाइट: jeeadv.ac.in
- 2 पेपर (फिजिक्स, केमिस्ट्री, मैथ्स).
- अच्छी रैंक (AIR) लाने पर ही IIT मिलता है.
JoSAA काउंसलिंग में हिस्सा लें
- JEE Advanced रिजल्ट के बाद JoSAA (josaa.nic.in) पर रजिस्टर करें.
- अपनी पसंद के IIT + ब्रांच चुनें (Choice Filling).
- कई राउंड में सीट अलॉट होती है.
- सीट मिलने पर Seat Acceptance Fee जमा करें.
- फाइनल अलॉटमेंट के बाद डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और रिपोर्टिंग.