ITR Refund News: नया साल शुरू हुए 15 दिन से ज्यादा हो चुके हैं. जनवरी का आधा महीना बीत गया है, लेकिन कई लोगों को अब तक आयकर रिफंड नहीं मिला है. कुछ लोगों को आयकर विभाग की तरफ से ये संदेश भी मिला है कि उनका रिफंड ‘रिस्क मैनेजमेंट प्रोसेस’ में है या फिलहाल रोका गया है. ऐसा संदेश मिलने पर लोग घबरा जाते हैं, लेकिन इसमें डरने वाली कोई बात नहीं है. आइए आसान शब्दों में समझते हैं कि रिफंड क्यों अटकता है और ऐसे समय में क्या करना चाहिए.
आयकर रिफंड क्यों अटक जाता है?
आयकर विभाग के अनुसार, जब टैक्स रिटर्न में दी गई जानकारी और विभाग के पास मौजूद जानकारी में अंतर पाया जाता है, तो रिफंड को जांच के लिए रोक दिया जाता है. ये जानकारी फॉर्म 26AS, AIS या TIS जैसे रिकॉर्ड से मिलाई जाती है.
अक्सर रिफंड अटकने के पीछे कुछ कारण होते हैं. जैसे आय या निवेश की जानकारी गलत भर देना, गलत रसीद या दस्तावेज अपलोड कर देना, या फिर बैंक खाता पहले से सत्यापित (प्री-वैलिडेट) न होना.
अगर रिफंड रोके जाने का संदेश आए तो क्या करें?
अगर आपको आयकर विभाग की तरफ से ऐसा कोई संदेश मिला है, तो सबसे पहले घबराने की जरूरत नहीं है. शांत दिमाग से अपनी जानकारी दोबारा जांचें. सबसे पहले ये देखें कि रिटर्न भरते समय कोई गलती तो नहीं हुई. नाम, बैंक खाता, आय या निवेश की राशि सही है या नहीं, ये ध्यान से चेक करें.
इसके बाद आयकर की वेबसाइट पर लॉग इन करें और ‘Pending Actions’ या ‘Worklist’ सेक्शन देखें. यहां ये बताया जाता है कि विभाग को आपसे कोई जवाब या दस्तावेज चाहिए या नहीं.
समय पर जवाब देना क्यों जरूरी है?
अगर वेबसाइट पर कोई नोटिस या संदेश दिखे, तो उसका जवाब जल्दी दें. जवाब देने में जितनी देर होगी, रिफंड आने में भी उतनी ही देरी होगी. अगर आपने निवेश दिखाया है, तो उसकी सही रसीदें अपने पास रखें. अगर गलती से गलत दस्तावेज अपलोड हो गया है, तो सही जानकारी तुरंत ऑनलाइन जमा करें. जरूरी दस्तावेज जमा होते ही रिफंड की प्रक्रिया फिर से शुरू हो जाती है.
फिर भी रिफंड न आए तो क्या करें?
अगर आपने सारी जानकारी सही दी है और फिर भी रिफंड नहीं आ रहा है, तो आप आयकर विभाग के शिकायत निवारण (Grievance) सेक्शन में जाकर शिकायत दर्ज कर सकते हैं. इससे आपकी समस्या पर दोबारा ध्यान दिया जाएगा.
आयकर रिफंड का रुकना आम बात है और ज्यादातर मामलों में ये छोटी गलतियों की वजह से होता है. सही समय पर जानकारी जांचकर और जवाब देकर इस समस्या को आसानी से हल किया जा सकता है.