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जानिए कौन सा IIT बना AI में B.Tech प्रोग्राम शुरू करने वाला देश का पहला संस्थान

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के वैश्विक उभार को देखते हुए, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT Hyderabad) हैदराबाद ने देश में एक नई राह दिखाई है, जिसका आज पूरे विश्व भर में डंका बज रहा है.

By: DARSHNA DEEP | Published: January 17, 2026 6:38:14 PM IST



Which is the first IIT to start a B.Tech program in AI?: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस तो तेजी से आगे बढ़ते देखते हुए, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) हैदराबाद ने देश में एक नई राह दिखाने का काम किया. दरअसल,  यह भारत का पहला IIT बना जिसने शैक्षणिक साल 2019-20 से ही AI में B.Tech प्रोग्राम की सफल शुरुआत की थी. 

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों ने किए बदलाव

AI के तेजी से बढ़ते महत्व और भविष्य की जरूरतों को देखते हुए भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) ने अपने पाठ्यक्रम में क्रांतिकारी बदलाव करने का काम किया है. अगर हम भारत के पहले संस्थान की बात करें जिसने विशेष रूप से AI में स्नातक (B.Tech) कार्यक्रम शुरू किया, तो वह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान हैदराबाद (IIT Hyderabad) ही है. 

IIT हैदराबाद: एक महत्वपूर्ण शुरुआत

जानकारी के मुताबिक, IIT हैदराबाद ने साल 2019 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में B.Tech प्रोग्राम की शुरुआत की थी. इसके साथ ही यह भारत का पहला और दुनिया का तीसरा ऐसा शैक्षणिक संस्थान बन गया जिसने AI में समर्पित स्नातक डिग्री प्रोग्राम लॉन्च करने में बड़ी सफलता हासिल की है. 

इस प्रोग्राम की क्या है मुख्य विशेषताएं?

तो वहीं बात करें IIT प्रोग्राम की खास विशेषताओं के बारे में तो, हैदराबाद का यह प्रोग्राम सिर्फ कोडिंग तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह AI के हर पहलू को गहराई से कवर कर दुनियाभर को पहुंचाने का अपने आप बेहद ही अनोखा काम करता है. इसके अलावा, इसमें कंप्यूटर साइंस के साथ-साथ इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, गणित और सांख्यिकी (Statistics) को भी खास तौर से शामिल किया गया है. 

तो वहीं, छात्र मशीन लर्निंग (Machine Learning), डीप लर्निंग (Deep Learning), कंप्यूटर विजन, रोबोटिक्स और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) जैसे आधुनिक विषयों को ज्यादा पढ़ने की कोशिश भी करते हैं. इतना ही नहीं, दरअसल, यह प्रोग्राम AI के नैतिक इस्तेमाल के साथ-साथ  समाज पर इसके प्रभाव पर भी ध्यान केंद्रित करने का काम करता है. 

क्यों जरूरी था यह कदम?

उद्योग जगत में AI विशेषज्ञों की सबसे ज्यादा मांग देखने को मिल रही है, लेकिन कुशल पेशेवरों की संख्या कम थी की वजह से कई परेशानियों का सामना करना पड़ा. मुश्किल को समझते हुए  IIT हैदराबाद ने इस गैप को भरने की पूरी तरह से कोशिश भी की. इसके साथ ही, AI केवल एक तकनीक नहीं बल्कि एक नया युग है. समर्पित प्रोग्राम के जरिए छात्रों को शुरुआती स्तर से ही रिसर्च के सुनहरे अवसर देने का काम कर रहा है.

तो वहीं, दुनिया भर के अग्रणी देश AI में तेजी से निवेश कर रहे हैं. हालाँकि,  भारत को इस रेस में आगे रखने के लिए बुनियादी स्तर (Undergraduate) पर इसकी शिक्षा अनिवार्य थी. 

अन्य IITs का क्या है योगदान?

IIT हैदराबाद के बाद अन्य संस्थानों ने भी इस दिशा में तेजी से कदम बढ़ाया, जिसमें पहला IIT दिल्ली ने अपना ‘स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ (ScAI) की खास शुरुआत की. दूसरा IIT खड़गपुर ने AI के लिए एक समर्पित केंद्र स्थापित किया और संबंधित कोर्सेज को दुनिया के सामने पेश किया. तीसरा और आखिरी,  IIT मद्रास ने भी डेटा साइंस और AI में डिग्री प्रोग्राम और ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्सेज की मुख्य रूप से शुरुआत की.

IIT हैदराबाद द्वारा 2019 में लिया गया यह फैसला अब पूरी तरह से मील का पत्थर साबित हो रहा है. जहां,  आज AI स्वास्थ्य सेवा, कृषि, ऑटोमोबाइल और रक्षा जैसे क्षेत्रों में तेजी से क्रांति ला रहा है, और इस प्रोग्राम से निकले छात्र इन नवाचारों का लगातार नेतृत्व करने में जुटे हुए हैं. 

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