Try these smart revision strategies, and secure your entry into IIT: JEE Mains में 80 परसेंटाइल से 99 परसेंटाइल तक का सफर सिर्फ कठिन परिश्रम का नहीं, बल्कि स्मार्ट वर्क और रणनीतिक पर पूरी तरह से आधारित है. इसके साथ ही 80 परसेंटाइल का सीधा मतलब है कि आपके पास बुनियादी ज्ञान है, लेकिन आप उसे सटीकता (Accuracy) और समय (Speed) के साथ सही तरीके से लागू नहीं कर पा रहे हैं.
1. ‘गैप एनालिसिस’ और उच्च-भार वाले अध्याय ‘Gap Analysis’ and high-weight chapters
दरइसल, 80 परसेंटाइल पर, आपकी सबसे बड़ी कमजोरी ‘सिलेबस कवरेज’ के दौरान कमी देखने को मिल रही है. ध्यान रखें कि उन चैप्टर्स की पहचान सबसे पहले करें जिनसे हर साल सबसे ज्यादा प्रश्न पूछे जाते हैं जैसे Physics में Modern Physics, Chemistry में Organic, गणित में Vectors. इन चैप्टर्स को पूरा करने की सबसे पहले कोशिश करनी चाहिए. इसके अलावा अपनी पिछली गलतियों का विश्लेषण करना बिल्कुल भी न भूलें.
2. ‘रिवर्स लर्निंग’ पर दें ध्यान
अब समय थ्योरी को बार-बार पढ़ने का नहीं है. पहले पिछले सालों के प्रश्नों का हल करने की कोशिश करें. इसके अलावा अगर आप अटकते हैं तो सिर्फ तभी उस खास थ्योरी पर ही वापस जाएं. ऐसा करने से यह आपके मस्तिष्क को सक्रिय रूप से जानकारी खोजने के लिए बेहद ही मजबूर करने का काम भी करेगा.
3. मॉक टेस्ट और ‘3-राउंड स्ट्रेटजी’
तो वहीं, दूसरी तरफ 99 परसेंटाइलर्स पेपर हल करने की कला जानते हैं. मॉक टेस्ट देते समय इन बातों का ध्यान रखना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण होता है. पहला वे प्रश्न जो 30-40 सेकंड में देखते ही हल हो जाएं, दूसरा वे प्रश्न जो आपको आते हैं लेकिन थोड़ा समय लगता है तीसरा और आखिरी मुश्किल प्रश्न इससे आप आसान अंक नहीं गंवाएंगे और आपका आत्मविश्वास पहले से और भी ज्यादा बढ़ने लगेगा.
4. रिवीजन के लिए शॉर्ट नोट्स का करें इस्तेमाल
यह तो हर छात्र को पता है कि आखिरी दिनों में पूरी किताब को नहीं पढ़ा जा सकता है. हर चैप्टर के फॉर्मूले और महत्वपूर्ण ग्राफ्स का एक पेज का बनाए और उसपर काम करने की कोशिश करें. इसके साथ ही रात को सोने से पहले किसी एक मुश्किल टॉपिक को अपने मन में दोहराने की कोशिश करें.