CUET Actually Tougher Than India’s Most Feared Medical Exam: भारत के शिक्षा परिदृश्य में CUET (Common University Entrance Test) और NEET (National Eligibility cum Entrance Test) दो सबसे बड़ी परीक्षाएं मानी जाती हैं. ज्यादातर छात्र इस परेशानी में रहते हैं कि क्या CUET वास्तव में NEET जितनी कठिन है? तो आइए, तथ्यों के मुताबिक पर इसकी वास्तविकता की जांच करते हैं. इसके साथ ही CUET के आने से सामान्य विश्वविद्यालयों में प्रवेश की प्रतिस्पर्धा बढ़ी है, लेकिन कठिनाई के स्तर और पाठ्यक्रम के विस्तार के मामले में NEET आज भी सबसे ज्यादा चुनौतीपूर्ण है. CUET उन छात्रों के लिए एक बेहतरीन ज्यादातर है जो विषय चयन में लचीलापन और विविध करियर विकल्प चाहते हैं.
क्या CUET वास्तव में NEET से कठिन है?
गहराई और विस्तार
दरअसल, NEET में कक्षा 11 और 12 दोनों का विस्तृत पाठ्यक्रम शामिल होते हैं, जबकि CUET मुख्य रूप से कक्षा 12 पर पूरी तरह से आधारित है. इसके अलावा, NEET में भौतिकी (Physics) और रसायन विज्ञान (Chemistry) के सवाल काफी जटिल और वैचारिक (Conceptual) होते हैं.
कितनी होती हैं सीटें?
NEET के जरिए सरकारी मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाना एक ‘गलाकाट प्रतिस्पर्धा’ है. तो वहीं CUET के जरिए दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) या BHU जैसे शीर्ष संस्थानों में दाखिल लेना बेहद ही कठिन तो है, लेकिन वहां सीटों की संख्या और विकल्पों की विविधता सबसे ज्यादा होती है.
कैसे दी जाती है परीक्षा
दरअसल, CUET में ‘जनरल टेस्ट’ और ‘भाषा’ जैसे खंड होते हैं, जो तर्कशक्ति (Reasoning) और सामान्य ज्ञान पर ही पूरी तरह से आधारित होते हैं. तो वहीं NEET विशुद्ध रूप से विज्ञान (PCB) के गहन ज्ञान की परीक्षा लेता है.