What Is a Good Score in NEET 2026: NEET की तैयारी को लेकर छात्राएं ज्यादातर चिंता करने लगते हैं. मन में एक तरह का डर भी होता है कि अगर सही रैंक नहीं आए तो उनका पूरा जीवन खराब हो जाएगा. NEET 2026 में सामान्य वर्ग के लिए 650+ का स्कोर एक “Safe Zone” माना जा रहा है. तो वहीं, प्रतिस्पर्धा (Competiton) बढ़ने की वजह से अब 600 अंक लाना कोई खास बात नहीं माना जा रहा है. इसके साथ ही छात्रों सिर्फ पास होने के बजाय शीर्ष 25 हजार रैंक के अंदर आने का लक्ष्य होना ही चाहिए.
केवल पासिंग मार्क्स से नहीं चलेगा काम
NEET की तैयार कर रहे छात्र एक बात का खास ध्यान रखें कि इस साल NEET 2026 की तैयारी करते समय ‘अच्छा स्कोर’ सिर्फ पासिंग मार्क्स नहीं, बल्कि वह अंक हैं जो एक सरकारी मेडिकल कॉलेज (MBBS) में सीट सुनिश्चित करने में आपकी बेहद ही मदद कर सकेगा. इसके साथ ही पिछले कुछ सालों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और छात्रों की संख्या 25 लाख से ज्यादा देखते हुए, यथार्थवादी (Realistic) उम्मीदें रखना महत्वपूर्ण हो जाता है.
NEET 2026 के लिए ‘सुरक्षित’ स्कोर और रैंक
ज्यादातर छात्र सरकारी कॉलेज पाने के लिए केवल क्वालिफाई करना चाहते हैं. लेकिन, आपको ऑल इंडिया कोटा (AIQ) या फिर स्टेट कोटा के जरिए से उच्च रैंक लाना अनिवार्य माना जाएगा.
क्वालीफाइंग बनाम एडमिशन कट-ऑफ
तो वहीं, दूसरी तरफ बात करें कट-ऑफ के बारे में तो क्वालीफाइंग मार्क्स लगभग 140-165 सिर्फ आपको काउंसलिंग में बैठने के योग्य ही बना पाएगा. दूसरी तरफ सरकारी सीट के लिए आपको इससे कहीं ज्यादा अंक लाने पर जोर देना होगा. देश की राजधानी दिल्ली, राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश समेत जैसे राज्यों में प्रतिस्पर्धा बहुत ही ज्यादा है. तो वहीं, दूसरी तरफ सुरक्षित स्कोर 660+ तक जा सकता है. हाँलाकि, इसके विपरीत, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में 610-620 पर भी संभावनाएं लगातार बनी रहती हैं.
तैयारी के लिए क्या हैं मुख्य सुझाव?
हर छात्र को लगातार 650+ का लक्ष्य तय करना होगा ताकि मुख्य परीक्षा में दबाव के बावजूद भी आप 620+ सुरक्षित कर सकें. इसके साथ ही NCERT पर पकड़ बनाए रखना भी सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण माना जाता है. जीव विज्ञान (Biology) में 340+ स्कोर करना ही आपको रेस में आगे बनाए रखने में बेहद ही मदद करेगा. तो वहीं,
ज्यादातर छात्र नकारात्मक अंकन (Negative Marking) स्कोर की वजह से गलतियां करने लगते हैं. इस बात का ध्यान रखें कि अपनी सटीकता (Accuracy) पर ही काम करना चाहिए.