न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज हमेशा से भारतीय टीम के लिए एक बड़ी चुनौती रही है. कीवी टीम भले ही शांत दिखती हो लेकिन मैदान पर उनकी प्लानिंग बहुत खतरनाक होती है. भारत के लिए इस सीरीज में जीत दर्ज करना इतना आसान नहीं होगा क्योंकि टीम के सामने अभी कुछ ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब ढूंढना जरूरी है. मतलब की वो चुनौतियां जिसे न्यूजीलैंड सीरीज के दौरान भारत को फेस करना पड़ सकता है. आइए देखते हैं वो चुनौती क्या होने वाली है.
1. ओपनिंग की अनिश्चितता
यशस्वी जायसवाल ने शानदार खेल दिखाया है, लेकिन उनके जोड़ीदार के तौर पर रोहित शर्मा की फॉर्म और उनकी अटैकिंग अप्रोच कभी-कभी जोखिम भरी हो जाती है. अगर शुरुआत में ही विकेट गिर जाते हैं, तो पूरा दबाव नीचे आने वाले बल्लेबाजों पर आ जाएगा हालांकि रोहित ने घरेलु टूर्नामेंट विजय हज़ारे ट्रॉफी में अच्छा प्रदर्शन किया है. लेकिन फिर भी भारतीय टीम को संभलकर रहना होगा। वहीं न्यूजीलैंड के पास ट्रेंट बोल्ट (अगर खेलते हैं) और टिम साउदी जैसे गेंदबाज हैं जो नई गेंद को हवा में लहराना जानते हैं. उनसे निपटना ओपनर के लिए एक बड़ी चुनौती होगी।
2. मिडिल ऑर्डर का बार-बार फेल होना
पिछले कुछ समय में देखा गया है कि टीम इंडिया का मिडिल ऑर्डर अचानक ताश के पत्तों की तरह बिखर जाता है. विराट कोहली और केएल राहुल जैसे अनुभवी खिलाड़ियों पर जिम्मेदारी ज्यादा है. हालांकि विराट का हमेशा डक आउट होना चिंता का विषय है ऐसे में अगर ऊपरी क्रम फेल होता है, तो मिडिल ऑर्डर को पारी संभालने के साथ-साथ रन रेट भी बनाए रखना होगा क्योंकि न्यूजीलैंड की टीम फील्डिंग और सटीक गेंदबाजी से दबाव बनाना जानती है, जिससे पार पाना आसान नहीं होगा।
3. विकेटकीपिंग और बैटिंग का तालमेल
टीम इंडिया की विकेटकीपर बैट्समैन को लेकर खींचतान शुरू है. ऋषभ पंत की फॉर्म और फिटनेस चिंता का विषय है हालांकि ईशान किशन ने घरेलू क्रिकेट में दमदार प्रदर्शन के बाद दावेदारी पेश की है उनकी वापसी के बाद विकेटकीपिंग का स्लॉट तो पक्का लगता है. दूसरी तरफ, केएल राहुल को टीम में कहां फिट किया जाए सिर्फ बल्लेबाज के तौर पर या बैकअप कीपर के तौर पर? यह मैनेजमेंट के लिए सिरदर्द है. विकेट के पीछे मुस्तैदी के साथ-साथ निचले क्रम में तेजी से रन बनाना इस सीरीज की डिमांड होगी।
4. तेज गेंदबाजी में बुमराह का साथ कौन देगा?
जसप्रीत बुमराह दुनिया के नंबर-1 गेंदबाज हैं, लेकिन अकेले बुमराह मैच नहीं जिता सकते। मोहम्मद सिराज की फॉर्म में उतार-चढ़ाव और आकाश दीप जैसे नए खिलाड़ियों को न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों के खिलाफ खुद को साबित करना होगा, जो सीम और स्विंग को काफी अच्छे से खेलते हैं.
5. स्पिन के खिलाफ बल्लेबाजों का संघर्ष
हैरानी की बात यह है कि अब भारतीय बल्लेबाज भी स्पिन के खिलाफ फंसने लगे हैं. न्यूजीलैंड के पास मिचेल सैंटनर जैसे चतुर स्पिनर हैं जो भारतीय पिचों पर भी खतरनाक साबित हो सकते हैं. अगर पिच टर्निंग हुई तो हमारे बल्लेबाजों को स्वीप और रिवर्स स्वीप का सही इस्तेमाल करना होगा वरना कीवी स्पिनर मैच का रुख पलट सकते हैं.
हालांकि फिलहाल यह सब मामला टीम चयन पर टिका है. देखते हैं अजीत अगरकर सिलेक्शन कमिटी के साथ मिलकर क्या रणनीति बनती है और कौन सी टीम भारत के लिए उपयुक्त मानती है.