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Trump-Putin Meeting: शांति समझौता पूरी तरह से अवैध मानेंगे…Putin-Trump की मुलाकात से पहले Zelensky ने दी बड़ी चेतावनी, कहा – यूक्रेन के नागरिक अपनी जमीन कब्जा करने वालों को नहीं देंगे

Trump-Putin Meeting: यूक्रेन जंग को रोकने के लिए  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही अलास्का में मिलने वाले हैं। इन दोनों नेताओं की मुलाकात से पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने चेतावनी भरे लहजे में बड़ा बयान दिया है।

Published by Shubahm Srivastava

Trump-Putin Meeting: यूक्रेन जंग को रोकने के लिए  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन जल्द ही अलास्का में मिलने वाले हैं। इन दोनों नेताओं की मुलाकात से पहले यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने चेतावनी भरे लहजे में बड़ा बयान दिया है। जेलेंस्की ने कहा है कि अमेरिका और रूस के बीच ऐसा कोई भी शांति समझौता पूरी तरह से अवैध और अप्रभावी होगा, जिसमें यूक्रेन शामिल न हो।

एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, यूक्रेनी राष्ट्रपति ने शनिवार (9 अगस्त, 2025) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर एक बयान जारी कर कहा, “ऐसा समाधान जिसमें यूक्रेन शामिल न हो और जो शांति के विरुद्ध हो, उसे बस एक मृत समाधान कहा जाएगा जो कभी काम नहीं करेगा।”

उन्होंने आगे कहा कि यूक्रेन की संवैधानिक अखंडता का सम्मान किया जाना चाहिए और यूक्रेन के नागरिक अपनी जमीन कब्ज़ा करने वालों को नहीं देंगे।

शांति के लिए यूक्रेन तैयार – जेलेंस्की

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने आगे कहा, “यूक्रेन ऐसे वास्तविक फ़ैसलों के लिए तैयार है जो शांति ला सकें। लेकिन कोई भी फ़ैसला जो हमारे ख़िलाफ़ हो, हमारी अनुपस्थिति में हो और शांति के ख़िलाफ़ हो, ऐसे फ़ैसलों से कुछ हासिल नहीं होगा। ये सिर्फ बेजान फ़ैसले होंगे, बिल्कुल अव्यावहारिक और हम सभी को वास्तविक शांति की ज़रूरत है। ऐसी शांति जिसका सभी सम्मान करें।”

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यूक्रेन पर कब्ज़ा करने का निराशाजनक फ़ैसला…

जेलेंस्की ने आगे कहा, “राष्ट्रपति पुतिन को हमारे लोगों पर भरोसा नहीं था और इसीलिए उन्होंने यूक्रेन पर कब्ज़ा करने का निराशाजनक फ़ैसला लिया। यूक्रेन के नागरिकों की अनदेखी करना उनकी सबसे बड़ी भूल थी।”

उन्होंने कहा, “बेशक, हम रूस को उसके अपराधों के लिए कोई इनाम नहीं देंगे। यूक्रेन के लोग पूर्ण और वास्तविक शांति के हकदार हैं। लेकिन सभी अन्य साझेदारों को भी यह समझना होगा कि गरिमापूर्ण और सम्मानजनक शांति क्या होती है।”

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Shubahm Srivastava

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