Sri Lanka-India Relations: श्रीलंकाई सांसद हर्षा डी सिल्वा ने सोमवार 11 अगस्त को श्रीलंकाई संसद में अमेरिका और भारत के बीच चल रहे तनाव और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर लगाए गए 50 प्रतिशत टैरिफ के संबंध में एक बयान दिया। श्रीलंकाई सांसद ने अपने देश की संसद से भारत पर अमेरिकी टैरिफ के प्रभाव को हल्के में न लेने का आग्रह किया और इस बात पर ज़ोर दिया कि भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जिसने सबसे बुरे आर्थिक संकट के दौरान श्रीलंका को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की थी।
श्रीलंकाई संसद में सांसद हर्षा डी सिल्वा ने क्या कहा?
संसद में अपने विचार प्रस्तुत करते हुए हर्षा डी सिल्वा ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुचित और चुनिंदा व्यापार उपायों के प्रति भारत के विरोध का बचाव किया। डेली मिरर की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने कहा, “भारत पर मत हँसिए। जब वे मुश्किल में हों तो उनका मज़ाक मत उड़ाइए, क्योंकि जब हम मुश्किल में थे, तब केवल उन्हीं ने हमारी मदद की थी।” सांसद ने कहा, “खेल अभी खत्म नहीं हुआ है। हमने आपको हंसते हुए देखा। हंसिए मत। भारत को उम्मीद थी कि शुल्कों में 15 प्रतिशत की कमी आएगी और हमें भी यही उम्मीद थी।”
2022 में श्रीलंका की आर्थिक स्थिति दयनीय हो गई थी, तब भारत ने की मदद
वर्ष 2022 में श्रीलंका की आर्थिक स्थिति और खराब हो गई थी, जिसके कारण ईंधन स्टेशन सूख गए, खाद्य और दवाइयों की आपूर्ति कम हो गई और विदेशी मुद्रा भंडार समाप्त हो गया। तब भारत कोलंबो का सबसे बड़ा समर्थक बनकर उभरा, जिसने चार अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक की ऋण सुविधा, मुद्रा विनिमय और ऋण भुगतान में स्थगन के साथ-साथ मानवीय सहायता की कई खेपें प्रदान कीं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत पर लगाया 50 प्रतिशत टैरिफ
वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार 6 अगस्त, को भारत द्वारा रूसी तेल के निरंतर आयात के कारण भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगा दिया, जिसके बाद अमेरिका द्वारा भारत पर लगाया गया कुल टैरिफ 50 प्रतिशत हो गया है।
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