Trump Tariffs On India: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात के बाद कहा है कि वह फिलहाल रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाने पर विचार नहीं कर रहे हैं। ट्रंप ने कहा, ‘मुझे दो या तीन हफ़्तों में इस (शुल्क) पर विचार करना पड़ सकता है, लेकिन हमें इसके बारे में तुरंत सोचने की ज़रूरत नहीं है।’
रूस ने एक बड़ा तेल ग्राहक खो दिया – ट्रंप
फॉक्स न्यूज़ को दिए एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा है कि 66 भारत के रूसी तेल व्यापार पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाने से रूस ने एक बड़ा तेल ग्राहक खो दिया है। चीन पर इसी तरह का शुल्क लगाना रूस के लिए विनाशकारी होगा। अगर मुझे ऐसा करना पड़ा, तो मैं करूँगा, लेकिन शायद मुझे इसकी ज़रूरत ही न पड़े।
अलास्का में नहीं बनी बात
राष्ट्रपति ट्रंप और पुतिन के बीच अलास्का में तीन घंटे चली बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई, इसकी जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। ऐसा इसलिए क्योंकि दोनों नेताओं ने बातचीत के बाद सिर्फ 12 मिनट की प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिस दौरान उन्होंने मीडिया के किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया।
ट्रंप ने बस इतना कहा कि बैठक सकारात्मक रही। हालांकि, अभी तक कोई समझौता नहीं हुआ है। इसके अलावा, रूसी राष्ट्रपति ने कहा कि युद्ध को समाप्त करने के लिए असली वजह को खत्म करना ज्यादा जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि जब युद्ध शुरू हुआ था, अगर ट्रंप राष्ट्रपति होते तो शायद यह युद्ध शुरू ही न होता।
युद्धविराम पर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। युद्धविराम को लेकर ट्रंप और पुतिन की अगली बैठक मॉस्को में होगी। हालांकि, अभी समय तय नहीं हुआ है।
भारत ने किया ट्रंप-पुतिन मुलाकात का स्वागत
इस बीच, ट्रंप और पुतिन ने 15 अगस्त को अलास्का में यूक्रेन युद्ध पर बातचीत की, जिसका भारत ने स्वागत किया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दुनिया रूस-यूक्रेन युद्ध का अंत देखना चाहती है।
दें कि 6 अगस्त को, ट्रंप ने रूस से तेल और हथियार खरीदने पर भारत पर 25% अतिरिक्त शुल्क लगाया, जो 27 अगस्त से लागू होगा, जिससे कुल शुल्क 50% हो जाएगा। भारत ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप की चेतावनियों के बावजूद उसकी रूसी तेल ख़रीद जारी है।

