Pakistan China India conflict: ऑपरेशन सिंदूर के बाद मई 2025 में भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान मध्यस्थता करने के चीन के दावे को पाकिस्तान ने सार्वजनिक रुप से समर्थन दे दिया है. पाकिस्तानी सरकार की तरफ से कहा गया कि चीनी नेताओं ने दोनों देशों के साथ काफी करीबी संबंध बनाए रखें हैं. जिसके कारण तनाव को काफी हद तक कम करने में मदद मिली. जब पाकिस्तान ने चीन के मध्यस्थता के दावे का समर्थन किया है. हालांकि, डोनाल्ड ट्रंप कर चुका है कि भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव की स्थिति को अमेरिका ने विराम दिया है. लेकिन पाकिस्तान के समर्थन के बाद स्थिति बदल चुकी है.
पाकिस्तान ने चीन को किया समर्थन
पाकिस्तान ने चीन दावा का समर्थन किया है, जिसमें बीजिंग की तरफ से कहा गया है कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद मई 2025 में भारत-पाकिस्तान संघर्ष के दौरान तनाव कम करने में मदद की. पाकिस्तान की तरफ से कहा गया है कि चीनी नेता सरकार के साथ काफी करीबी तौर पर संपर्क में थे. यहां तक कि चीन ने भारत के साथ भी संपर्क किया था. दरअसल, गुरुवार को एक साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग में पाकिस्तान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी ने कहा कि “चीनी नेताओं ने मई से 10 मई के बीच दोनों पक्षों के साथ जुड़े हुए थे. उन्होंने कहा कि इन बातचीत से स्थिति को शांत करने और क्षेत्र में तनाव कम करने में मदद मिली.”
पाकिस्तान का नया दावा
ताहिर अंद्राबी के हवाले से कहा, “मुझे लगता है कि वे संपर्क, जिनकी विशेषता बहुत सकारात्मक राजनयिक आदान-प्रदान थी, उन्होंने तापमान कम करने और क्षेत्र में शांति और सुरक्षा लाने की कोशिश में योगदान दिया. इसलिए, मुझे यकीन है कि मध्यस्थता के बारे में चीन का वर्णन सही है.” ताहिर अंद्राबी ने कहा कि पाकिस्तान चीन के दृष्टिकोण से सहमत है. उन्होंने कहा कि ऐसी कूटनीति ने उन तीन-चार महत्वपूर्ण दिनों के दौरान कई अंतरराष्ट्रीय प्रयासों को चिह्नित किया.
पाकिस्तान की दोहरी नीति
बता दें कि, यह पहली बार हुआ है कि जब पाकिस्तान ने चार दिवसीय संघर्ष में मध्यस्थता की भूमिका के चीन के दावे का सार्वजनिक रूप से समर्थन किया है. हालांकि पाकिस्तान ने पहले शत्रुता में विराम के लिए केवल अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को श्रेय दिया था. अब अपने इस दो तरफ बयान को लेकर पाकिस्तान घिर चुका है.
भारत ने किया दावों को खारिज
भारत ने लगातार तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावों को खारिज किया है. सरकार की तरफ से कहा गया है कि सैन्य विराम पाकिस्तान के मिलिट्री ऑपरेशंस के महानिदेशक द्वारा अपने भारतीय समकक्ष से अनुरोध के बाद आया. भारत ने चीनी विदेश मंत्री वांग यी के इस बयान को भी खारिज कर दिया कि बीजिंग ने संकट के दौरान भूमिका निभाई थी.