Iran Conflict: ईरान में सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की खिलाफ बीते दो हफ्तों से विरोध प्रदर्शन चल रहा है. यह विरोध देश के तमाम हिस्सों में फैला हुआ है. शुरुआत में यह प्रदर्शन केवल आर्थिक बदहाली और मंहगाई के खिलाफ था. लेकिन अब इसका रुख राजनीति में पलट चुका है. प्रदर्शनकारी धार्मिक शासकों से सत्ता छोड़ने की मांग पर अड़ गए हैं. वहीं ईरान के आखिरी शाह के बेटे रजा पहलवी ने प्रदर्शनकारियों से ईरान के प्रमुख शहरों में कब्जे के लिए तैयार रहने का आदेश दिया. जिसके बाद ईरान की राजनीति पूरी तरह से गरमा चुकी है.
ईरान ने प्रदर्शकारियों को दी चेतावनी
ईरान के अटॉर्नी जनरल मोहम्मद मोवाहेदी आजाद ने सभी प्रदर्शन कर रहे लोगों को चेतावनी देते हुए कहा कि ‘प्रदर्शन में भाग लेने वाले लोगों को अब अल्लाह का दुश्मन माना जाएगा और उन्हें ईरानी कानून के तहत मृत्यु दंड की सजा सुनाई जाएगी.’ बयान में आगे कहा गया है कि दंगाइयों की मदद करने वालों को भी इन्हीं आरोपों का सामना करना होगा.’ सरकार की यह चेतावनी सीधा ईरानी सरकारी टेलीविजन पर प्रसारित की गई.
ट्रंप की चेतावनी का किया नजरअंदाज
बता दें कि,ट्रंप ईरानी सरकार को चेतावनी दे चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद इस बयान में कहा गया है कि अभियोजकों को बिना देरी के आभियोग जारी करना है और उन लोगों के खिलाफ मुकदमे दायर करने हैं, जो देश के साथ विश्वासघात कर और असुरक्षा पैदा कर विदेशी प्रभुत्व स्थापित करना चाहते हैं.’
डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा था?
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को प्रदर्शनकारियों की हत्या न करने की चेतावनी दी थी. ट्रंप ने कहा था कि अगर ऐसा आगे होता है तो इसमें अमेरिका दखल देगा. ट्रंप ने 8 जनवरी को यह भी कहा था कि वह फिलहाल रजा पहलवी से नहीं मिलना चाहते हैं. जिससे साफ पता लगता है कि विपक्षी नेता का समर्थन करने से पहले वह हालातों पर नजर बनाए रखना चाहते हैं.
कौन है रजा पहलवी?
रजा पहलवी अमेरिका में रह रहे अपदस्थ शाह के बेटे हैं. उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा, ‘हमारा लक्ष्य सिर्फ सड़कों पर उतरना नहीं है. बल्कि ईरान के प्रमुख शहरों पर कब्जा करना है, आप सभी इसके लिए तैयार रहें.’
दो हफ्तों से जारी प्रदर्शन
ईरान में यह प्रदर्शन पिछले दो हफ्तों से जारी है. यह प्रदर्शन 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद से ईरान पर राज कर रहे धार्मिक शासन के खिलाफ सबसे बड़ा खतरा बन गए हैं. ईरान की मुद्रा, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.4 मिलियन से अधिक के रिकॉर्ड नीचे गिर गई है. अमेरिकी संस्था के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान ईरान में 65 लोगों की मौत हो चुकी है. वहीं 2,300 से अधिक लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है.

