Khamenei on Trump: पिछले कई दिनों से ईरान में जहन्नुम से भी बदतर स्थिति बनी हुई है. बड़े पैमाने पर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, खामेनेई सरकार ने पहली बार हिंसा और प्रदर्शनकारियों की मांगों को माना है. वहीं आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकारी टेलीविज़न ने प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसक घटनाओं और कुछ मौतों की खबरों की पुष्टि की है. लेकिन, सरकार ने इसे लोगों के असली गुस्से का नतीजा नहीं बताया है.
खामेनेई सरकार ने कह दी बड़ी बात
वहीं सरकारी टीवी ने एक कार्यक्रम में पहली बार चुप्पी तोड़ते हुए कहा कि प्रदर्शनों में हिंसा हुई और लोग हताहत हुए. लेकिन यह सब ‘अमेरिकी-इजरायली आतंकी एजेंटों’ ने किया है. सरकार का दावा है कि ये एजेंट आगजनी और हिंसा फैला रहे हैं ताकि देश अस्थिर हो जाए. पहले सरकार प्रदर्शनों को नजरअंदाज कर रही थी या छोटी घटना बता रही थी. अब हताहतों की बात मानकर सरकार ने हालात की गंभीरता को स्वीकार किया है.
अमेरिका ने ईरान को दे दी धमकी
रिपब्लिकन अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम ने 7 जनवरी 2026 को फॉक्स न्यूज के ‘हैनिटी’ शो में अयातुल्ला खामेनेई को सीधे धमकी दी. उन्होंने कहा, “अगर तुम अपने लोगों को बेहतर जीवन की मांग पर मारते रहे, तो डोनाल्ड ट्रंप तुम्हें मार देंगे.” इसके बाद ग्राहम ने और भी तीखे शब्दों का इस्तेमाल करते हुए कहा, “अयातुल्ला और उसके गुंडों, अगर तुम ट्रंप की चेतावनी को चुनौती देते रहे, तो तुम सुबह मरे हुए पाए जाओगे.” ग्राहम ने ईरान की जनता को संबोधित करते हुए कहा, “हम आपके साथ हैं, मदद आ रही है. ट्रंप ओबामा नहीं हैं.” उन्होंने खामेनेई को ‘रिलिजियस नाजी’ कहा और वेनेजुएला का उदाहरण देते हुए ईरान को चेतावनी दी. इस बयान के बाद अमेरिकी राजनीति में भी बहस छिड़ गई है कि क्या ऐसे शब्द किसी बड़े टकराव की ओर इशारा कर रहे हैं.

