Operation Deep Manifest: भारत सरकार ने पाकिस्तान से आ रहे प्रतिबंधित माल की तस्करी पर नकेल कसने के लिए एक सख्त अभियान शुरू किया है, जिसे ‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ नाम दिया गया है। इस ऑपरेशन को राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) द्वारा संचालित किया जा रहा है और इसका उद्देश्य तीसरे देशों के माध्यम से भारत में हो रही पाकिस्तान निर्मित सामान की अवैध तस्करी को रोकना है।
पाकिस्तान से नहीं, तीसरे देशों के रास्ते आ रहा था सामान
जानकारी के अनुसार, तस्करी का यह नेटवर्क कराची बंदरगाह से माल को दुबई भेजकर, वहां से जेबेल अली पोर्ट के जरिये भारत पहुंचा रहा था। यह माल सीधा पाकिस्तान से भारत नहीं भेजा जा रहा था, जिससे इसकी पहचान छिपाई जा सके। इस प्रकार के मामलों को पकड़ने के लिए ‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ की शुरुआत की गई।
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12 करोड़ से अधिक का पाकिस्तानी माल जब्त
वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने संसद में बताया कि जुलाई 2025 तक इस अभियान में 5 बड़े मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें करीब 12.04 करोड़ रुपये का पाकिस्तान निर्मित सामान जब्त किया गया है। यह सामान मुख्य रूप से संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के जरिए भारत में लाया जा रहा था।
बड़ी जब्ती: 26 जून की कार्रवाई
सबसे बड़ी कार्रवाई 26 जून को की गई, जब 1115 मीट्रिक टन माल से भरे 39 कंटेनर पकड़े गए। इस जब्ती की कीमत करीब 9 करोड़ रुपये आंकी गई है। इस मामले में एक आयातक कंपनी के पार्टनर को गिरफ्तार भी किया गया है।
DRI की सख्ती और कानूनी उल्लंघन
इस ऑपरेशन के दौरान DRI ने अब तक 13 मामलों में 12 लाख रुपये का अवैध आयात पकड़ा है। इन मामलों में DGFT की अधिसूचना (2 मई 2025) सहित कई कानूनी नियमों का उल्लंघन सामने आया है।‘ऑपरेशन डीप मैनिफेस्ट’ भारत सरकार की एक रणनीतिक और कड़ी पहल है, जो न केवल पाकिस्तान से अवैध व्यापार को रोकने में सहायक है, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और आर्थिक हितों की रक्षा के लिए भी आवश्यक है। पाकिस्तान पर पूर्ण आयात प्रतिबंध के बाद इस तरह की कार्रवाइयां यह सुनिश्चित करती हैं कि किसी भी तरीके से भारत की संप्रभुता और सुरक्षा से समझौता न हो।

