Full-Stack Developer: पुणे के एक युवा ने ऑनलाइन हजारों लोगों को प्रेरित किया है. उनकी कहानी बताती है कि कैसे उन्होंने सिर्फ 1.5 साल में सब्जी फैक्ट्री में काम करने से लेकर एक अमेरिकी कंपनी में फुल-स्टैक डेवलपर बनने तक का सफर तय किया.
आर्थिक तंगी के कारण उन्हें कॉलेज छोड़ना पड़ा और वे 10 घंटे की शिफ्ट में सब्जी प्रोसेसिंग फैक्ट्री में काम करने लगे. ये काम शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से बहुत थकाने वाला था.
पहली बार कोडिंग की दुनिया में कदम
कोडिंग का कोई पहले एक्सपीरिएंस न होने के बावजूद, उन्होंने अपने दोस्त की सलाह और एलोन मस्क के एक उद्धरण से प्रेरणा ली- जो कुछ भी सीखना है, वह इंटरनेट पर मुफ्त में उपलब्ध है.
उन्होंने पैसे बचाए, माता-पिता की मदद से लैपटॉप खरीदा और HTML, CSS, JavaScript और React सीखना शुरू किया. महंगे कोर्सेस लेने की बजाय उन्होंने ऑनलाइन दस्तावेज़ पढ़कर, प्रोजेक्ट बनाकर और गलतियों से सीखकर खुद को तैयार किया.
पहला इंटर्नशिप और आगे की तैयारी
एक महीने के बुनियादी ज्ञान और आत्मविश्वास के बाद उन्हें पहला इंटर्नशिप मिल गया. अगले कुछ महीनों में उन्होंने रिएक्ट, बैकएंड डेवलपमेंट और डेटा स्ट्रक्चर्स में गहराई से ज्ञान हासिल किया.
इस मेहनत ने उन्हें भोपाल से ऑपरेट करने वाली एक अमेरिकी कंपनी में फुल-स्टैक डेवलपर के रूप में नौकरी पाने में मदद की.
From a factory worker to a full-stack developer in 1.5 years of grind.
I’m not saying this to flex.
I’m saying this because I didn’t believe it was possible either.
1.5 years ago, I was working in a vegetables factory.
10 hours a day. Packing. Picking. Standing.
Physically… pic.twitter.com/pn30AaJ8LY— Sambhav.apk▲ (@Coding_Sage) January 2, 2026
पर्सनल चुनौती और फ्रीलांसिंग
उनकी यात्रा में एक और मुश्किल आई जब उनके दादा को हार्ट अटैक हुआ. कुछ समय आराम करने के बाद उन्होंने फ्रीलांसिंग शुरू की और लगातार प्रोजेक्ट्स पर काम किया.
सीख और संदेश
पुणे के इस युवा डेवलपर का कहना है कि उनका सफर “अव्यवस्थित, अनिश्चित और असुविधाजनक” रहा, लेकिन उन्होंने दूसरों को यह भरोसा दिलाया कि 1-2 साल का फोकस्ड प्रयास बड़े बदलाव ला सकता है.
उनकी कहानी यह दिखाती है कि सही मेहनत, सीखने की लगन और धैर्य से किसी भी मुश्किल परिस्थिति को पार किया जा सकता है.