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NH-19 बना मौत का हाईवे, हादसों का सिलसिला जारी, 5 दिन में पांच लोगों की गई जान

NH-19 accidents Mathura: मथुरा के एनएच-19 पर 5 दिन में 4 बड़े हादसे, 5 लोगों की मौत और 7 घायल, रॉन्ग साइड वाहनों, टूटे फुटपाथ और सुरक्षा संकेतों की कमी बनी हादसों की वजह, स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया.

By: Ranjana Sharma | Published: April 20, 2026 6:03:27 PM IST



NH-19 accidents Mathura: मथुरा के फरह क्षेत्र में आगरा-मथुरा राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-19 पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की अनदेखी अब लोगों की जान पर भारी पड़ रही है. टूटे फुटपाथ, चेतावनी संकेतों का अभाव, ब्लैक स्पॉट पर सुरक्षा इंतजामों की कमी और रॉन्ग साइड से दौड़ते वाहन लगातार हादसों को न्योता दे रहे हैं. बीते पांच दिनों में इस हाईवे पर चार बड़े हादसों में पांच लोगों की जान जा चुकी है, जबकि सात लोग घायल हुए हैं. इसके बावजूद प्रशासन की नींद नहीं खुली है.

रॉन्ग साइड टक्कर में युवक की मौत

रविवार रात करीब 10:30 बजे मथुरा की ओर से बाइक से आ रहे बाबूगढ़ निवासी कल्लू, रंजीत और वृंदावन निवासी श्याम सिंह की बाइक में फरह की ओर से रॉन्ग साइड आ रही दूसरी बाइक ने जोरदार टक्कर मार दी. इस हादसे में रंजीत की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य लोग घायल हो गए. घायलों को सीएचसी फरह में भर्ती कराया गया.

बस की टक्कर से ट्रैक्टर चालक की गई जान

इसी रात करीब 10:15 बजे ग्राम बेरी निवासी भगत सिंह ट्रैक्टर-ट्रॉली में गेहूं लेकर जा रहे थे. महुअन टोल प्लाजा के पास पीछे से आई ईदगाह डिपो की बस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली में टक्कर मार दी. हादसा इतना गंभीर था कि भगत सिंह की सीएचसी में उपचार के दौरान मौत हो गई.

बाइक रेस बनी मौत की वजह

शुक्रवार रात करीब 2:30 बजे आगरा निवासी शिवम (19) और राया निवासी राशिद (22) के बीच बाइक रेस की शर्त लगी थी. मथुरा से आगरा जाते समय रैपुरा जाट फ्लाईओवर पर दोनों बाइकें आपस में टकरा गईं. इस हादसे में पांच युवक घायल हुए, जिनमें शिवम को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य चार घायलों को एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा रेफर किया गया.

डंपर ने साइकिल सवार मजदूर को कुचला

बुधवार रात 10:45 बजे लेदर फैक्ट्री से साइकिल से घर लौट रहे फरह निवासी मजदूर प्रमोद भारती और आसिफ को हिंदुस्तान कॉलेज के सामने रॉन्ग साइड से आए मिट्टी से भरे डंपर ने कुचल दिया. इस हादसे में प्रमोद की मौके पर मौत हो गई, जबकि आसिफ को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है.

हाईवे पर सुरक्षा इंतजाम नदारद

स्थानीय लोगों का कहना है कि एनएच-19 पर कई जगह फुटपाथ टूटे पड़े हैं और कई स्थानों पर बने ही नहीं हैं. ब्लैक स्पॉट पर न तो रिफ्लेक्टर लगे हैं, न ही स्पीड लिमिट बोर्ड और न चेतावनी संकेतक मौजूद हैं. इससे रात में अंधेरा और दिन में रॉन्ग साइड वाहनों की आवाजाही हादसों को और बढ़ा रही है. लोगों का आरोप है कि एनएचएआई और पुलिस केवल हादसों के बाद ही सक्रिय होती है. लगातार हो रही मौतों के बावजूद अभी तक ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं, जिससे लोगों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है.

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