Uttar-Pradesh Varanasi News: उत्तर-प्रदेश के वाराणसी से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है. यहां जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र का रहने वाला सूरज भास्कर काफी समय से नीट की तैयारी कर रहा था. वह किसी भी हाल में साल 2026 में एमबीबीएस में एडमिशन लेना है. इसके लिए सूरज ने एक ऐसी कहानी रची, जिसमें खुद पुलिस भी गुमराह हो गई. उसने पुलिस को सुनाई अपनी कहानी में बताया कि गुरुवार की रात कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की और जब वह सो कर उठा तो उसका बाएं पैर का पंजा नहीं था.
पुलिस ने शुरु की जांच
सूरज के बयान के मुताबित, पुलिस ने दो अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच करनी शुरु कर दी. पुलिस जांच के मुताबिक, सूरज से बयान लेना शुरु किया तो वह बार-बार अपना बयान बदल रहा था. वह पुलिस को भ्रमित करने की कोशिश कर रहा था. बयान बार-बार बदलने के कारण पुलिस को उस पर शक हो गया.
पुलिस को सूरज पर हुआ शक
इसके बाद सर्विलांस के माध्यम से पुलिस ने सूरज की कॉल डिटेल निकलवाई. जांच में पता लगा कि सूरज की एक प्रेमिका है. जिससे वह शादी करना चाहता है. पुलिस ने प्रेमिका को पूछकाछ के लिए थाने बुलाया. प्रेमिका द्वारा पुलिस को पता लगा कि सूरज किसी भी हाल में इस साल एमबीबीएस में एडमिशन लेना चाहता है.
दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने की कोशिश
इसके बाद पता लगा कि साल 2025 में अक्तूबर के महीने में सूरज वाराणसी के BHU गया था. वहां उसने दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने की कोशिश की. लेकिन दिव्यांग न होने के कारण सूरज का सर्टिफिकेट नहीं बन पाया.
पुलिस ने बताई सच्चाई
सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि जिस समय सूरज के साथ मारपीट की जा रही थी. उस समय कोई अन्य मोबाइल टावर में शो नहीं हो रहा था. इसी आधार पर चीजें सामने आई कि उसके साथ किसी तरह की कोई मारपीट नहीं की गई. पुलिस ने खोजबीन के दौरान खेत से कुछ इंजेक्शन बरामद किए. पुलिस का दावा है कि इंजेक्शन एनेस्थीसिया से जुड़े हुए हैं.सीओ सिटी गोल्डी गुप्ता के मुताबिक, सूरज ने अपने पैर का पंजा खुद ही काटा था. दर्द से बचने के लिए उसने इन इंजेक्शन का भी इस्तेमाल किया था. सूरज ने पैर काटने के लिए ग्राइंडर का इस्तेमाल किया था. इसके बाद सूरज ने पुलिस को जानकारी दी कि रात में अज्ञात लोगों ने उसके साथ मारपीट की और जब वह सो कर उठा तो उसका पैर नहीं था.

