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Wi-Fi यूजर्स सावधान! अमेरिका कर सकता है TP-Link पर बैन, जानिए क्या है पूरा मामला

रिपोर्ट्स के अनुसार, कई अमेरिकी फेडरल एजेंसियों ने मिलकर एक संयुक्त जांच की है जिसमें TP-Link को संभावित राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे के रूप में चिह्नित किया गया है. यह चिंता कंपनी के चीनी स्वामित्व से जुड़ी है.

Published by Renu chouhan

अमेरिका में अब चीन की टेक कंपनियों पर निगरानी और कड़ी हो सकती है. अमेरिका सरकार TP-Link के नेटवर्किंग प्रोडक्ट्स पर बैन लगाने पर विचार कर रही है. रिपोर्ट्स के अनुसार, कई अमेरिकी फेडरल एजेंसियों ने मिलकर एक संयुक्त जांच की है जिसमें TP-Link को संभावित राष्ट्रीय सुरक्षा खतरे के रूप में चिह्नित किया गया है. यह चिंता कंपनी के चीनी स्वामित्व से जुड़ी है.

चीनी स्वामित्व पर चिंता बढ़ी
द वॉशिंगटन पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी एजेंसियों का मानना है कि TP-Link की अमेरिकी सब्सिडियरी पर अब भी चीन की मूल कंपनी “TP-Link Technologies” का प्रभाव हो सकता है. यही बात अमेरिका की सुरक्षा एजेंसियों को परेशान कर रही है. चीन स्थित किसी भी टेक कंपनी के अमेरिका में संचालन को अक्सर डाटा सुरक्षा और निगरानी के संदर्भ में संदिग्ध माना जाता है.

अमेरिकी घरों में 65% राउटर्स TP-Link के
रिपोर्ट के अनुसार, TP-Link अमेरिका के होम राउटर मार्केट में 50% से 65% तक की हिस्सेदारी रखता है. यानी हर दूसरे अमेरिकी घर में TP-Link का राउटर मौजूद है. यही कारण है कि सुरक्षा एजेंसियां इसे लेकर ज्यादा चिंतित हैं. उन्हें डर है कि इतनी बड़ी पैमाने पर इस्तेमाल होने वाले नेटवर्किंग उपकरण देश के घरेलू नेटवर्क को जासूसी या साइबर हमलों के लिए खुला बना सकते हैं.

बैन या सख्त जांच – क्या होगा अगला कदम?
अमेरिका का वाणिज्य विभाग (Commerce Department) अब इस पर अंतिम फैसला लेगा कि TP-Link पर पूरी तरह से बैन लगाया जाए या फिर सिर्फ कुछ सख्त शर्तें लागू की जाएं. कुछ विकल्पों में शामिल हैं – TP-Link से स्वतंत्र साइबर सुरक्षा ऑडिट कराना या कंपनी को अपनी प्रोडक्शन यूनिट्स अमेरिका में स्थानांतरित करने के लिए मजबूर करना. फेडरल प्रक्रिया के अनुसार, TP-Link को किसी भी कार्रवाई से पहले आधिकारिक नोटिस दिया जाएगा और 30 दिन का जवाब देने का समय मिलेगा. उसके बाद सरकार कंपनी के जवाब का मूल्यांकन कर अगले 30 दिनों में अंतिम फैसला सुनाएगी.

पूरा बैन लगाने की तैयारी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, वाणिज्य विभाग के कई अधिकारी TP-Link पर पूर्ण बैन लगाने के पक्ष में हैं. उनका मानना है कि यह सुरक्षा जोखिम को पूरी तरह खत्म करने का एकमात्र तरीका है. हालांकि, अभी तक न तो अमेरिकी सरकार और न ही TP-Link की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है.

ग्राहकों पर पड़ सकता है असर
अगर अमेरिका में TP-Link पर बैन लग जाता है तो इसका सीधा असर लाखों उपभोक्ताओं और खुदरा दुकानदारों पर पड़ेगा. TP-Link देश में सस्ते और मिड-रेंज Wi-Fi राउटर्स के लिए मशहूर ब्रांड है. अगर बैन हुआ तो उपभोक्ताओं को वैकल्पिक ब्रांड्स की ओर रुख करना पड़ेगा, जिससे कीमतें भी बढ़ सकती हैं.

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सुरक्षा के लिए यूज़र्स को ये कदम उठाने चाहिए

एक्सपर्ट्स ने सुझाव दिया है कि जब तक इस मामले पर कोई अंतिम फैसला नहीं आता, यूज़र्स को अपने नेटवर्क की सुरक्षा के लिए सतर्क रहना चाहिए. इसमें शामिल हैं –

– राउटर का फर्मवेयर समय-समय पर अपडेट करना.

– मजबूत पासवर्ड सेट करना.

– रिमोट एक्सेस फीचर को डिसेबल रखना.

इन स्टेप्स से किसी भी ब्रांड के राउटर को अधिक सुरक्षित बनाया जा सकता है.

Renu chouhan
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