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चीन को Nvidia की चिप्स बेचने की इजाजत मिलेगी या नहीं? ट्रंप पर टिकी निगाहें

हुआंग इन दिनों दक्षिण कोरिया के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) की मुलाकात पर खुशी जताई. उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं की बातचीत से अच्छे नतीजे निकल सकते हैं, लेकिन उन्हें इस मुलाकात की डिटेल्स नहीं पता.

Published by Renu chouhan

एनवीडिया के सीईओ जेंसन हुआंग (Jensen Huang) ने कहा कि वे चाहते हैं कि उनकी कंपनी की नई ब्लैकवेल चिप्स (Blackwell Chips) चीन में बेची जा सकें. लेकिन इसका फैसला अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) को लेना होगा. हुआंग इन दिनों दक्षिण कोरिया के दौरे पर हैं, जहां उन्होंने ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग (Xi Jinping) की मुलाकात पर खुशी जताई. उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं की बातचीत से अच्छे नतीजे निकल सकते हैं, लेकिन उन्हें इस मुलाकात की डिटेल्स नहीं पता.

ट्रंप और चीन की बातचीत में चिप्स पर चर्चा
ट्रंप ने एक इंटरव्यू में कहा कि उनकी बातचीत के दौरान सेमीकंडक्टर (Semiconductors) पर चर्चा हुई और चीन एनवीडिया और अन्य कंपनियों से चिप्स खरीदने को लेकर बात करेगा.
हालांकि ट्रंप ने यह भी साफ कर दिया कि “हम ब्लैकवेल चिप्स की बात नहीं कर रहे हैं.”

अमेरिका और चीन के बीच तकनीकी टकराव
एनवीडिया और चीन के बीच यह मुद्दा इसलिए बड़ा है क्योंकि अमेरिका नहीं चाहता कि चीन को इतनी एडवांस्ड एआई चिप्स (AI Chips) मिलें, जो उसकी सैन्य तकनीक (Military Technology) को मजबूत बना दें. इसी कारण अमेरिका ने चीन को एनवीडिया की कुछ हाई-टेक चिप्स बेचने पर एक्सपोर्ट कंट्रोल (Export Control) लगा रखे हैं.

एनवीडिया की नई रणनीति
एनवीडिया अब चीन के लिए एक नई चिप बना रही है जो ब्लैकवेल आर्किटेक्चर पर आधारित होगी. यह चिप इंटरनेशनल वर्ज़न से थोड़ी कमजोर होगी, लेकिन चीन में पहले से बिक रही H20 मॉडल से ज्यादा पावरफुल होगी. हालांकि चीन की सरकार अब एनवीडिया से ज्यादा घरेलू कंपनियों जैसे हुआवेई (Huawei) को प्रमोट कर रही है.

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हुआवेई से मुकाबला
हुआंग ने कहा कि हुआवेई को हल्के में नहीं लिया जा सकता. उन्होंने कहा, “जो लोग सोचते हैं कि हुआवेई सिस्टम नहीं बना सकता, वे गलत हैं. चीन की तकनीकी क्षमता और हुआवेई की स्पिरिट को कम आंकना मूर्खता है.” हुआवेई ने हाल ही में अपनी नई AI चिप्स की घोषणा की है जो एनवीडिया की टक्कर में होंगी.

एनवीडिया की निराशा
एनवीडिया को उम्मीद थी कि चीन में उनका कुछ मार्केट शेयर रहेगा, लेकिन अब कंपनी को “ज़ीरो मार्केट शेयर” की उम्मीद है. हुआंग का कहना है कि अगर अमेरिका चीन को एनवीडिया की तकनीक एक्सपोर्ट करने दे, तो यह दोनों देशों के हित में होगा.

सुरक्षा को लेकर सवाल
अमेरिकी सरकार को डर है कि चीन इन चिप्स का इस्तेमाल सैन्य उद्देश्यों के लिए कर सकता है. लेकिन हुआंग का कहना है कि “चीन पहले से ही इतने सक्षम AI चिप्स बना रहा है कि उसे अमेरिकी चिप्स की जरूरत नहीं.”

Renu chouhan
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