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OpenAI की बड़ी चेतावनी! अगर अमेरिका ने बिजली नहीं बढ़ाई तो चीन छीन लेगा AI में लीडरशिप

OpenAI के मुताबिक, चीन ने पिछले साल 429 गीगावॉट बिजली उत्पादन क्षमता जोड़ी, जबकि अमेरिका ने सिर्फ 51 गीगावॉट. यानी चीन ने अमेरिका से आठ गुना ज्यादा बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाई. OpenAI ने इसे “इलेक्ट्रॉन गैप (Electron Gap)” बताया है- यानी ऊर्जा में इतना बड़ा अंतर कि यह सिर्फ बिजली की कमी नहीं बल्कि आर्थिक ताकत, टेक्नोलॉजी लीडरशिप और नेशनल सिक्योरिटी के लिए खतरा है.

Published by Renu chouhan

इस वक्त कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की रेस में अमेरिका सबसे आगे है. OpenAI, Google, Meta और Anthropic जैसी दिग्गज कंपनियां अरबों डॉलर खर्च कर रही हैं ताकि इस टेक्नोलॉजी में बढ़त बनाए रखी जा सके. लेकिन OpenAI का कहना है कि यह रेस सिर्फ टैलेंट या फंडिंग से नहीं जीती जा सकती- इसमें बिजली यानी पावर सबसे बड़ा फैक्टर बन गया है. OpenAI ने हाल ही में अमेरिकी नेताओं को चेतावनी दी है कि अगर देश ने अपनी बिजली उत्पादन क्षमता को तेजी से नहीं बढ़ाया, तो चीन आने वाले वर्षों में इस रेस में आगे निकल सकता है.

चीन बिजली उत्पादन में तेजी से आगे निकल रहा है
OpenAI के मुताबिक, चीन ने पिछले साल 429 गीगावॉट बिजली उत्पादन क्षमता जोड़ी, जबकि अमेरिका ने सिर्फ 51 गीगावॉट. यानी चीन ने अमेरिका से आठ गुना ज्यादा बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाई. OpenAI ने इसे “इलेक्ट्रॉन गैप (Electron Gap)” बताया है- यानी ऊर्जा में इतना बड़ा अंतर कि यह सिर्फ बिजली की कमी नहीं बल्कि आर्थिक ताकत, टेक्नोलॉजी लीडरशिप और नेशनल सिक्योरिटी के लिए खतरा है.

अमेरिका को चाहिए हर साल 100 गीगावॉट नई क्षमता
OpenAI ने अपने ब्लॉग पोस्ट में लिखा है कि अमेरिका को कम से कम हर साल 100 गीगावॉट नई बिजली क्षमता जोड़नी होगी- जो मौजूदा रफ्तार से करीब दोगुनी है. कंपनी का कहना है, “बिजली सिर्फ एक सुविधा नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संपत्ति (strategic asset) है. यह वही ताकत है जो आने वाले AI इंफ्रास्ट्रक्चर की नींव रखेगी.” OpenAI का साफ कहना है कि अगर अमेरिका बिजली उत्पादन को प्राथमिकता नहीं देगा, तो AI में लीडरशिप उसके हाथ से निकल सकती है- क्योंकि डेटा सेंटर्स को चलाने के लिए भारी मात्रा में बिजली चाहिए होती है.

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OpenAI का ‘प्रोजेक्ट स्टारगेट’: $500 अरब का मेगा प्लान
AI की इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए OpenAI ने Project Stargate शुरू किया है. यह $500 बिलियन (लगभग ₹42 लाख करोड़) का मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट है, जिसमें SoftBank, Oracle जैसी कंपनियां भी साझेदार हैं. इस प्रोजेक्ट के तहत अमेरिका के Texas, New Mexico, Ohio और Wisconsin राज्यों में अत्याधुनिक AI डेटा सेंटर्स बनाए जा रहे हैं. OpenAI का कहना है कि अगर अमेरिका AI इंफ्रास्ट्रक्चर में $1 ट्रिलियन का निवेश करता है, तो अगले तीन सालों में देश की GDP ग्रोथ 5% तक बढ़ सकती है.

लाखों नए स्किल्ड वर्कर्स की होगी ज़रूरत
OpenAI ने यह भी कहा है कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए अमेरिका को बड़े पैमाने पर स्किल्ड वर्कर्स की भर्ती करनी होगी. कंपनी के अनुसार, इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक, मेटलवर्कर, प्लंबर और कारपेंटर जैसे प्रोफेशनल्स की भारी मांग बढ़ेगी- अनुमान है कि अमेरिका के हर 5 में से 1 स्किल्ड ट्रेड वर्कर की जरूरत AI इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पड़ेगी. इसी के चलते OpenAI ने 2026 में एक Certification और Jobs Platform लॉन्च करने की योजना बनाई है, जिससे लोगों को AI प्रोजेक्ट्स में काम करने के लिए ट्रेनिंग और नौकरी दोनों मिल सके.

“AI है बिजली का नया तेल” – OpenAI
OpenAI ने कहा है कि अब AI की दुनिया में इलेक्ट्रॉन्स यानी बिजली ही नया तेल बन चुकी है. AI मॉडल्स को ट्रेन करने और डेटा सेंटर्स को चलाने में इतनी बिजली लगती है कि बिना स्ट्रॉन्ग पावर सप्लाई के यह सिस्टम टिक नहीं पाएगा. OpenAI ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिकी बिजली ग्रिड में बड़े बदलाव नहीं किए गए, तो आने वाले समय में AI ग्रोथ ग्रिड की लिमिट से आगे निकल जाएगी और सिस्टम ओवरलोड हो सकता है.

Renu chouhan
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