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Google Gemini 2.5 : Google ने लॉच किया Gemini 2.5, अब AI करेगा इंसानों जैसी वेब ब्राउजिंग, जानें और क्या है खास

Google Gemini 2.5 : Google का Gemini 2.5 Computer Use अब इंसानों की तरह वेब ब्राउजिंग कर सकता है. ये फॉर्म भरने, क्लिक, टाइप और स्क्रॉल जैसे काम कर सकता है. अभी 13 एक्शन सपोर्ट करता है.

Published by sanskritij jaipuria

Google Gemini 2.5 : Google ने अपनी AI टेक्नोलॉजी में एक और बड़ा कदम उठाया है. अब Google का नया AI मॉडल Gemini 2.5 Computer Use इंसानों की तरह इंटरनेट पर सर्फिंग कर सकता है. इसका मतलब है कि अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस केवल जवाब ही नहीं देगा बल्कि वेबसाइट्स पर जाकर फॉर्म भर सकता है, क्लिक कर सकता है, स्क्रॉल कर सकता है और यहां तक कि ड्रॉपडाउन मेन्यू भी इस्तेमाल कर सकता है.

इंसानों जैसे ब्राउजिंग

Gemini 2.5 Computer Use, Gemini 2.5 Pro पर बेस्ड है और इसे खासतौर पर इस तरह से तैयार किया गया है कि ये इंटरनेट को इंसानों की तरह समझ सके और इस्तेमाल कर सके.

Google का कहना है कि ये मॉडल यूजर इंटरफेस (UI) को पहचान सकता है और जैसे हम माउस या कीबोर्ड से काम करते हैं, वैसे ही ये AI भी कर सकता है.

क्या कर सकता है ये AI मॉडल?

ये नया AI सिस्टम कई ऐसे काम कर सकता है जिन्हें आज तक सिर्फ इंसान ही करते थे, जैसे:

 फॉर्म भरना और सबमिट करना
 स्क्रीन पर क्लिक करना
 स्क्रॉल करना
 कीबोर्ड शॉर्टकट इस्तेमाल करना
 ड्रॉपडाउन मेन्यू खोलना
 करसर को किसी बटन या ऑप्शन पर ले जाना
 टाइप करना

इस AI को Google AI Studio और Vertex AI के जरिए डेवलपर्स के लिए उपलब्ध कराया गया है, ताकि वे इसे अपनी ऐप्स और टेस्टिंग में इस्तेमाल कर सकें.

डेमो वीडियो में क्या दिखाया गया?

Google ने अपने ब्लॉग में कुछ डेमो वीडियो भी शेयर किए हैं, जिनमें ये मॉडल लाइव वेबसाइट्स पर काम करता दिखाई देता है. एक उदाहरण में एक यूजर ने कहा:

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“मेरे आर्ट क्लब ने फेयर के लिए कुछ टास्क प्लान किए हैं, लेकिन बोर्ड बहुत बिखरा हुआ है. कृपया उन्हें सही कैटेगरी में डालने में मदद करें.”

इसके बाद AI ने वेबसाइट खोलकर स्टिकी नोट्स को ड्रैग करके सही कैटेगरी में रखा – ठीक वैसे ही जैसे कोई इंसान करता. हालांकि ये वीडियो 3 गुना स्पीड में चलाए गए थे ताकि यूजर्स आसानी से देख सकें.

परफॉर्मेंस और सीमाएं

Google का दावा है कि Gemini 2.5 Computer Use कई वेब और मोबाइल टेस्ट में अन्य AI मॉडल्स से बेहतर प्रदर्शन करता है. इसकी लेटेंसी (प्रतिक्रिया देने का समय) भी कम है.

हालांकि अभी ये मॉडल सिर्फ 13 तरह की एक्टिविटी कर सकता है. इसके अलावा, ये केवल ब्राउजर में ही काम करता है, यानी यह अभी कंप्यूटर के डेस्कटॉप ऑपरेटिंग सिस्टम (OS) को पूरी तरह से नियंत्रित नहीं कर सकता.

कहां-कहां हो रहा है इस्तेमाल?

Google खुद अपनी टीमों में इस AI का इस्तेमाल कर रही है, जैसे कि:

 UI टेस्टिंग (यूजर इंटरफेस को टेस्ट करना)
 सॉफ्टवेयर की ऑटोमैटिक टेस्टिंग
 AI सर्च मोड, Firebase Testing Agent और Project Mariner जैसे प्रोजेक्ट्स में भी यही तकनीक काम कर रही है.

sanskritij jaipuria

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