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Holi 2026: होलिका दहन की पवित्र अग्नि के फेरे का क्या है रहस्य? फेरे लगाने की वजह जान रह जाएंगे हैरान

Holika Dahan 2026: होलिका दहन के समय अग्नी की परिक्रमा बुराई पर अच्छाई की जीत, नकारात्मकता से मुक्ति और सुख-समृद्धि की कामना के लिए किए जाते हैं.

By: Preeti Rajput | Published: February 27, 2026 3:29:06 PM IST



Holika Dahan 2026: होली का त्योहार इस साल 4 मार्च 2026 को मनाया जाने वाला है. इन दिन लोग लकड़ियों का ढेर को अग्नि से प्रज्वलित करते हैं और साथ ही उसके परिक्रमा भी करते हैं. लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है, अग्नि की परिक्रमा क्यों की जाती है? आइए इसे समझते हैं…

बुराई पर अच्छाई की जीत 

होलिका दहन की कथा प्रह्लाद और होलिका से जुड़ी हुई है. मान्यता है कि भक्त प्रह्लाद को जलाने के लिए होलिका अग्नि में उन्हें गोद में लेकर बैठ गई थी. लेकिन भगवान विष्णु के कृपा से प्रह्लाद बच गए थे और होलिका जल गई थी. इसलिए अग्नि की परिक्रमा करना बुराई के अंत और अच्छाई की जीत का प्रतीक माना जाता है. 

नकारात्मकता से मुक्ति 

अग्नि को पवित्र और शुद्ध करने वाली एक शक्ति के तौर पर देखा जाता है. जब लोग अग्नि की परिक्रमा करते हैं, तो वह यह संकल्प लेते हैं कि उनका जीवन नकारात्मक ऊर्जा, रोग, दुख और कष्ट भी इसी आग में समा जाएं. एक तरह से मानसिक और आध्यातमिक शुद्धि का प्रतीक है. 

सुख और समृद्धि की कामना 

दरअसल, ग्रामीण क्षेत्रों में लोग नई फसल के दाने अग्नि में अर्पित करते हैं. माना जाता है कि इससे घर में अन्न और धन की कमी नहीं होती है. परिक्रमा के दौरान वह परिवार की सुरक्षा की कामना करते हैं. 

सामाजिक एकता का संदेश 

होलिका दहन केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सामाजिक एकता का प्रतीक माना जाता है. लोग मिलकर अग्नि के चारों तरफ परिक्रमा लगाते हैं. जिससे आपसी प्रेम और भाईचारा बढ़ता है. होलिका दहन की अग्नि परिक्रमा आस्था, शुद्धि और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है. यह हमें सिखाता है कि चाहे कितनी भी बुराई क्यों न हो, अंत में सत्य और भक्ति की ही जीत होती है. 

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होलिका दहन का शुभ मुहूर्त 

इस साल होलिका दहन 3 मार्च 2026 को किया जाएगा. फाल्गुन माह की पूर्णिमा तिथि 2 मार्च की शाम शाम 5 बजकर 55 मिनट से शुरू होगी. जो 3 मार्च को शाम 5 बजकर 7 मिनट पर समाप्त होने वाली है. होलिका दहन का शुभ समय की शाम 6:22 से रात 8:50 मिनट तक रहने वाला है. इस समय विधि विधान से होलिका दहन किया जाना शुभ माना जाएगा.  

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