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Varuthini ekadashi 2026: वरुथिनी एकादशी कब है? जानें व्रत नियम, क्या खाएं और किन चीजों से करें परहेज

varuthini ekadashi 2026:  वरुथिनी एकादशी 2026 इस साल 13 अप्रैल को मनाई जाएगी और यह व्रत भगवान भगवान विष्णु को समर्पित होता है. मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से पापों का नाश होता है और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है.

By: Ranjana Sharma | Published: April 8, 2026 10:39:57 AM IST



Varuthini ekadashi 2026: वैशाख मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि पर मनाई जाने वाली वरुथिनी एकादशी इस वर्ष 13 अप्रैल 2026, सोमवार को पड़ रही है. यह व्रत भगवान भगवान विष्णु की आराधना को समर्पित होता है और हिंदू धर्म में इसे अत्यंत पुण्यदायी माना गया है. मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमों के साथ व्रत रखने से व्यक्ति के पापों का क्षय होता है, जीवन में सुख-समृद्धि आती है और सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं धार्मिक ग्रंथों के अनुसार वैशाख माह स्वयं भगवान विष्णु को प्रिय होता है, इसलिए इस माह में आने वाली एकादशी का महत्व और भी बढ़ जाता है. हालांकि इस व्रत का पूर्ण फल तभी मिलता है जब व्रती नियमों का पालन करते हुए सात्विक आहार ग्रहण करे और निषिद्ध चीजों से दूरी बनाए रखे.

व्रत का महत्व: पापों से मुक्ति और सौभाग्य की प्राप्ति

मान्यता है कि वरुथिनी एकादशी का व्रत रखने से व्यक्ति को हजारों यज्ञों के समान फल प्राप्त होता है. यह व्रत विशेष रूप से धन, सुख और भाग्य वृद्धि के लिए रखा जाता है. शास्त्रों में इसे “सुरक्षा देने वाली” एकादशी भी कहा गया है, जो जीवन में आने वाली बाधाओं को दूर करती है.

क्या खाएं

अगर आप निर्जला व्रत नहीं रख रहे हैं, तो फलाहार के जरिए दिनभर शरीर को ऊर्जा दी जा सकती है. इस दौरान हल्का और सुपाच्य भोजन करना ही उचित माना गया है.
  • फल जैसे केला, सेब, संतरा, अंगूर और पपीता खा सकते हैं, ये शरीर को हाइड्रेट रखते हैं
  • दूध, दही, छाछ और पनीर जैसे डेयरी उत्पाद शुद्ध और सात्विक माने जाते हैं
  • बादाम, काजू, किशमिश और अखरोट जैसे ड्राई फ्रूट्स ऊर्जा बनाए रखते हैं
  • आलू, शकरकंद और अरबी को उबालकर या हल्का पकाकर खाया जा सकता है
  • कुट्टू और सिंघाड़े के आटे से बनी रोटी, पूरी या पकौड़े खाए जा सकते हैं
  • साबूदाना खिचड़ी, वड़ा या खीर व्रत के लोकप्रिय और ऊर्जा देने वाले विकल्प हैं
  • पर्याप्त पानी, नारियल पानी या नींबू पानी पीना फायदेमंद रहता है

किन चीजों से करें परहेज

व्रत के दौरान कुछ खाद्य पदार्थों को पूरी तरह वर्जित माना गया है. इनका सेवन करने से व्रत का फल कम हो सकता है.

  • चावल, गेहूं और सामान्य अनाज का सेवन न करें
  • दालों का सेवन (विशेषकर उड़द, चना, मसूर) नहीं करना चाहिए
  • मक्का और सरसों (राई) से बने खाद्य पदार्थों से बचें
  • सामान्य भोजन जैसे रोटी, पराठा, इडली, डोसा न खाएं
  • प्याज और लहसुन का सेवन न करें, इन्हें तामसिक माना जाता है
  • मांस, मछली और अंडे जैसे मांसाहारी भोजन से पूरी तरह दूरी रखें
  • अधिक तेल और मसालेदार भोजन से बचें, ताकि व्रत की सात्विकता बनी रहे

व्रत की विधि: कैसे करें पूजा और पालन

वरुथिनी एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और साफ वस्त्र धारण करें. इसके बाद भगवान विष्णु की पूजा करें, उन्हें पीले फूल, तुलसी दल और फल अर्पित करें. दिनभर व्रत रखते हुए विष्णु मंत्रों का जाप और कथा का श्रवण करना शुभ माना जाता है. रात में जागरण और भजन-कीर्तन करने की भी परंपरा है.

पारण का समय: सही समय पर ही खोलें व्रत

  • वरुथिनी एकादशी व्रत का पारण 14 अप्रैल 2026 को किया जाएगा.
  • पारण का समय: सुबह 6:54 बजे से 8:31 बजे तक
    हरि वासर समाप्ति: सुबह 6:54 बजे
  • ध्यान रखें कि हरि वासर समाप्त होने के बाद ही व्रत खोलना शुभ माना जाता है.

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