Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज, एक हिंदू तपस्वी और गुरु हैं, जो राधावल्लभ संप्रदाय को मानते हैं. प्रेमानंद जी महाराज अपनी भक्ति, सरल जीवन, और मधुर कथाओं के लिए लोगों में काफी प्रसिद्ध हैं. हर रोज लोग उनके कार्यक्रम में शामिल होते हैं जहां वह लोगों के सवालों के जवाब देते हैं.हजारों लोगों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देते हैं. उनके प्रवचन, जो दिल को छू जाते हैं, ने उन्हें बच्चों और युवाओं सहित विभिन्न आयु वर्ग के लोगों के बीच लोकप्रिय बनाया है. प्रेमानंद जी महाराज नाम जप करने के लिए के लिए लोगों को प्रेरित करते हैं और साफ मन से अपने काम को करें और सच्चा भाव रखें.
भक्त के सवाल पर प्रेमानंद जी महाराज ने बताया कि सच्ची भक्ति परिस्थिति बदलने से आती है या दृष्टि बदलने से, जानें महाराज जी के अनमोल वचन.
सच्ची भक्ति परिस्थिति बदलने से नहीं आती उद्देश्य बदलने से आती है. हमारा जीवन कैसी भी परिस्थिति में हो हमारा उद्देश्य अगर भगवत प्राप्ति है तो परिस्थिति कोई मायने नहीं रखती. अगर हम सोचे कि अनुकूलता में भजन हो तो लाखओं लोगों को अनुकूलता परायण है और अनुकूलता प्राप्त नहीं है हम सोचे कि प्रतिकूलता में भजन हो तो करोड़ों लोगों को प्रतिकूलता प्राप्त है लेकिन भजन नहीं है.
अनुकूलता और प्रतिकूलता भजन में महत्व नहीं रखती, यदि हमारा भजन उद्देश्य है तो अनुकूलता में दया का अनुभव करते हुए भजन करते हैं और प्रतिकूलता में कृपा का अनुभव करते हुए भजन करते हैं. हमारा उद्देश्य महाना होना चाहिए, लक्ष्य जो भगवत प्राप्ति का जो बनता है वो मन में ऐसा सामर्थ दे देता है कि हम अनुकूलता और प्रतिकुलता दोनों को रौंदते हुए समता में पहुंचे. अनुकूलता घमंड ना ला पाएं और प्रतिकूलता विषाद ना ला पाएं, दोनों पर विजय प्राप्त करते हुए निरंतर भगवत स्मृति हमारे लक्ष्य कू पूर्ति होती है.
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