Premanand Ji Maharaj: प्रेमानंद जी महाराज, एक हिंदू तपस्वी और गुरु हैं, जो राधावल्लभ संप्रदाय को मानते हैं. प्रेमानंद जी महाराज अपनी भक्ति, सरल जीवन, और मधुर कथाओं के लिए लोगों में काफी प्रसिद्ध हैं. हर रोज लोग उनके कार्यक्रम में शामिल होते हैं जहां वह लोगों के सवालों के जवाब देते हैं.हजारों लोगों को आध्यात्मिक मार्गदर्शन देते हैं. उनके प्रवचन, जो दिल को छू जाते हैं, ने उन्हें बच्चों और युवाओं सहित विभिन्न आयु वर्ग के लोगों के बीच लोकप्रिय बनाया है. प्रेमानंद जी महाराज नाम जप करने के लिए के लिए लोगों को प्रेरित करते हैं और साफ मन से अपने काम को करें और सच्चा भाव रखें.
भक्त के सवाल पर प्रेमानंद जी महाराज ने क्या इसी जन्म में माता-पिता की सेवा करके भगवत प्राप्ति की जा सकती है.
प्रेमानंद जी महाराज का मानना है कि इसी जन्म में माता-पिता की सेवा करते हुए भगवत प्राप्ति की जा सकती है, इसीलिए हमें मानव देह मिली है. माता-पिता में भगवत भाव करके उनकी सेवा करें, नाम जप करें.
लेकिन यह सब तभी संभव है जब हम भगवत प्राप्ति करना चाहें तब, यद्यपि संसार को साधन बनाकर भगवान को साध्य बनाना चाहिए. हम भगवान को साधन बनाकर संसार साध्य कर रहे हैं अगर संसार मांग रहे हैं तो भगवान को साधन माना और संसार को साध्य माना जबकि होना ऐसा चाहिए कि संसार की सब भोग साम्रगी साधन बन जाए और भगवान हमारे साध्य बन जाएं. तो लक्ष्य तो माता-पिता की सेवा करके समाज की सेवा करते हुए, नाम जप करते हुए पूर्ण कर सकते हैं लक्ष्य हमारे अंदर बने तब ना, प्रबल इच्छा हो जाए कि मुझे भगवत प्राप्ति करनी है.
जैसे भुखा आदमी केवल भोजन चाहता है, प्यासा आदमी केवल पानी चाहता है, ऐसे में भगवान को चाहो, नाम जप करें भगवान को प्यार करें, परिवार, माता-पिता सभी में भगवान विराजमान हैं उनकी सेवा करें.
Know Your Rituals: कल्पवास क्या है? माघ माह में ही क्यों किया जाता है कल्पवास, जानें महत्व और नियम
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. Inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता

