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Pitru Paksh 2025: पितृ पक्ष पर प्याज-लहसुन खाना क्यों होता है वर्जित, जानें क्या है इसकी वजह?

Pitru Paksh Puja: हिंदू मान्यताओं के अनुसार 7 सितंबर 2025 से पितृ पक्ष की शुरूआत हो गई थी आज यानि 8 सिंतबर को पहला श्राद्ध कार्यक्रम किया जाएगा। पितृ पक्ष (श्राद्ध पक्ष) हिंदू परंपरा में पूर्वजों को स्मरण, तर्पण और श्राद्ध अर्पण का विशेष समय है। पर इस दौरान तामसिक भोजन जैसे प्याज-लहसुन खाना वर्जित होता है। तो आइए जानते हैं इसके पीछे का धार्मिक कारण क्या है?

Published by Shivi Bajpai

Pitru Paksh Do Not Eat these things: साल 2025 में 7 सिंतबर से पितृ पक्ष की शुरूआत हो गई थी, आज यानि 8 सिंतबर को पहला श्राद्ध है और इसका समापन 21 सितंबर को होगा। इस दौरान लोग अपने पूर्वजों को याद करते हैं और हिंदू मान्यताओं के अनुसार ये समय पूर्वजों को स्मरण, तर्पण और श्राद्ध अर्पण किया जाता है। तो इस दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना पड़ता है उनमें से एक है पितृ पक्ष के दौरान प्याज-लहसुन से परहेज़ करना।

पितृ पक्ष से जुड़ी धार्मिक मान्यताएं:

पितृ पक्ष में तर्पण और श्राद्ध के माध्यम से पितरों को तृप्त किया जाता है। ऐसा माना जाता है कि केवल सात्विक आहार जैसे अनाज, फल, दूध, घी से किया गया श्राद्ध पितरों तक पहुंचता है। 

क्यों नहीं खाना चाहिए पितृ पक्ष में प्याज-लहसुन

प्याज, लहसुन जैसी तामसिक चीजों को इस दौरान खाने से आपको अंदर क्रोध, असंयम बढ़ता है जिस वजह से पितृ पक्ष के दौरान इसे नहीं खाना चाहिए। श्राद्ध काल में इन चीज़ों के सेवन से मन अशांत और असंयमित होता है, जिससे पूर्वजों के लिए किया गया अनुष्ठान शुद्धता से नहीं हो पाता।

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क्या कहता है पुराण?

गरुड़ पुराण और धर्मशास्त्रों में कहा गया है कि पितरों की आत्मा केवल सात्विक अर्पण से ही संतुष्ट होती है। तामसिक भोजन से किए गए श्राद्ध का फल नहीं मिलता और पितरों को अशांति होती है। इस वजह से पितृ पक्ष में तामसिक आहार का सेवन बिल्कुल भी नहीं करना चाहिए वरना पितृ रुष्ट हो जाते है और आपको श्राद्ध करने का फल नहीं मिलता है।

आपकी शारीरिक और मानसिक शुद्धि के लिहाज से भी पितृ पक्ष के दौरान प्याज-लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए। क्योंकि इससे आपका मन अशांत हो सकता है जिससे पितरों का तर्पण करते समय आपका मन एकाग्र नहीं होगा। 

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Shivi Bajpai

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