Categories: धर्म

Mahashivratri par daan ka mahatva: महाशिवरात्रि पर करें ये दान, भोलेनाथ की बरसेगी कृपा

Mahashivratri par daan ka mahatva: महाशिवरात्रि भगवान शिव की उपासना का प्रमुख पर्व है. इस दिन व्रत, पूजा और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अन्न, वस्त्र, काले तिल, दूध, घी और धार्मिक पुस्तकों का दान शुभ फल देता है.

Published by Ranjana Sharma

Mahashivratri par daan ka mahatva: महाशिवरात्रि भगवान शिव की आराधना का सबसे महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है. इस दिन देशभर के मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना, रुद्राभिषेक और रात्रि जागरण का आयोजन होता है. धार्मिक मान्यता है कि इस पावन अवसर पर किया गया जप, तप और दान कई गुना फल देता है. श्रद्धालु व्रत रखकर भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करते हैं और जीवन की परेशानियों से मुक्ति की कामना करते हैं. मान्यता है कि महाशिवरात्रि पर श्रद्धा से किया गया दान सुख-समृद्धि और मानसिक शांति का मार्ग खोल सकता है.

अन्न दान को माना गया सर्वोत्तम

शास्त्रों में अन्न दान को सबसे बड़ा दान बताया गया है. महाशिवरात्रि के दिन जरूरतमंदों को भोजन कराना या राशन सामग्री देना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है. कहा जाता है कि भूखे को भोजन कराने से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं और घर में अन्न-धन की कमी नहीं रहती.

वस्त्र और कंबल दान का महत्व

जरूरतमंदों को कपड़े या कंबल दान करना भी इस दिन विशेष फलदायी माना जाता है. विशेषकर ठंड के मौसम में गरीबों को गर्म वस्त्र देने से न केवल मानवीय कर्तव्य पूरा होता है, बल्कि धार्मिक दृष्टि से भी इसे शुभ माना गया है.

Related Post

काले तिल और दूध का दान

धार्मिक मान्यता के अनुसार महाशिवरात्रि पर काले तिल का दान करने से शनि दोष और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव कम होता है. इसके साथ ही दूध, घी और शहद जैसी पूजा सामग्री का दान भी शुभ माना गया है. ये वस्तुएं भगवान शिव की पूजा में प्रयोग की जाती हैं और इनका दान आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है.

धार्मिक पुस्तकों और रुद्राक्ष का दान

कुछ श्रद्धालु इस दिन शिव मंत्रों की पुस्तकें, धार्मिक ग्रंथ या रुद्राक्ष का दान भी करते हैं. इसे ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा के प्रसार से जोड़ा जाता है. मान्यता है कि ऐसे दान से व्यक्ति के जीवन में शांति और संतुलन आता है.

भावना ही सबसे बड़ा दान

धर्माचार्यों का कहना है कि दान की वस्तु से अधिक महत्वपूर्ण उसकी भावना होती है. यदि श्रद्धा और निस्वार्थ भाव से दान किया जाए तो उसका फल अवश्य मिलता है. महाशिवरात्रि पर किया गया छोटा सा दान भी भगवान शिव को प्रिय होता है. मान्यता है कि इस दिन की गई सच्ची भक्ति और दान-पुण्य से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है. इसलिए महाशिवरात्रि केवल पूजा का ही नहीं, बल्कि सेवा और परोपकार का भी पर्व है.

Ranjana Sharma
Published by Ranjana Sharma

Recent Posts

IND vs PAK Tickets: मैच के लिए कैसे बुक करें ऑनलाइन टिकट, यहां जानें पूरी जानकारी

Colombo match ticket booking online: ऑफिशियल टिकटिंग पोर्टल, tickets.cricketworldcup.com पर कई सोल्ड आउट के साइन…

February 13, 2026

Anand Sagar Death: रामानंद सागर की विरासत को आगे बढ़ाने वाले आनंद सागर नहीं रहे, लॉकडाउन में इस कारण आए थे चर्चा में

Anand Sagar death:‘रामायण’ के निर्माता-निर्देशक रामानंद सागर के पुत्र आनंद रामानंद सागर चोपड़ा का निधन…

February 13, 2026

Smriti Mandhana marriage controversy: स्मृति मंधाना से जुड़े विवाद में पलाश को मिली राहत, हाई कोर्ट ने बयानबाजी पर लगाई रोक

Smriti Mandhana marriage controversy:गायक पलाश मुच्छल ने अपने खिलाफ लगाए गए बेवफाई और धोखाधड़ी के…

February 13, 2026