Categories: धर्म

Know Your Rituals: कल्पवास क्या है? माघ माह में ही क्यों किया जाता है कल्पवास, जानें महत्व और नियम

Kalpavas: माघ माह में कल्पवास को बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. माघ माह में तप, हवन और दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. पवित्र संगम तट पर लोग कुटिया बनाकर रहते हैं, जानते हैं विस्तार से क्या होता है कल्पवास और यह माघ माह में क्यों किया जाता है.

Published by Tavishi Kalra

Kalpavas: हिंदू धर्म में माघ माह को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. यह हिंदू कैलेंडर के अनुसार यह 11वां महीना होता है. इस माह में स्नान का विशेष महत्व है. माघ माह में माघ मेले का आयोजन किया जाता है. माघ मेला प्रयागराज में संगम तट पर आयोजित किया जाता है. प्रयाग स्थित गंगा, यमुना और सरस्वती नदी के संगम स्थल त्रिवेणी पर, पवित्र स्नान, दान-दक्षिणा, गौदान, तथा हवन आदि धार्मिक अनुष्ठान करते हैं.
इस दौरान लाखों की संख्या में लोग पहुंचकर आस्था की डुबकी लगाते हैं.

माघ स्नान वार्षिक स्नान है, जो हर वर्ष पौष माह की पूर्णिमा तिथि से शुरू होता है और महाशिवरात्रि के दिन समाप्त होता है. धर्म ग्रन्थों में माघ माह में किये जाने वाले पवित्र स्नान एवं तप की महिमा का वर्णन किया गया है. माघ मेले में कल्पवास की परंपरा है.

कल्पवास का अर्थ (Kalpavas Meaning)

कल्पवास शब्द कल्प और वास शब्द को मिलाकर बना है. इसमें  कल्प का अर्थ है समय का चक्र और वास का अर्थ है निवास. कल्पवास प्रयागराज में माघ मेले या कुंभ के दौरान किया जाता है. इसकी अवधि लगभग एक महीने की होती है. इस साल, यह 29 दिन के दिन के लिए किया जाएगा. कल्पवास के दौरान पवित्र संगम तट पर लोग कुटिया बनाकर रहते हैं, वहां व्रत और तप करते हैं इस जीवनशैली को कल्पवास कहते हैं. कल्पवास करने वालों का मन शुद्ध होता है उन्हें तीनों देवों का आशीर्वाद प्राप्त होता है.

Related Post

कल्पवास का महत्व (Importance of Kalpavas)

कल्पवास करने से आत्म-अनुशासन, इंद्रिय-संयम, पापों से मुक्ति और मोक्ष की प्राप्ति होती है. इसी वजह से कल्पवास को अति महत्वपूर्ण माना जाता है. कल्पवास का पालन करने से मौक्ष की प्राप्ति होती है और पापों का नाश होता है. जो लोग कल्पवास करते हैं उन्हें कल्पवासी कहा जाता है. इस दौरान लोग 1 महीने तक माघ मास में गंगा तट पर रहते हैं और इन जरूरी नियमों का पालन करते हैं. कल्पवास के दौरान रहना, खाना सब कुछ साधारण होता है. संगम किनारे कुटिया बनाकर सरल तरह से अनुशासित जीवन साधना के सात बिताया जाता है.

कल्पवास के नियम (Kalpavas Niyam)

  • कल्पवास के दौरान लोगों को सत्य वचन और अहिंसा का पालन करना चाहिए.
  • इस दौरान अपनी इंद्रियों पर नियंत्रण रखएं और साथ ही ब्रह्मचर्य का पालन करें.
  • कल्पवास के दौरान ब्रह्म मुहूर्त में जागना और तीन बार स्नान करना विशेष होता है.
  • कल्पवास के नियम में एक समय भोजन और ज़मीन पर सोया जाता है.
  • इस दौरान भगवान के नाम का जप, ध्यान और वेदों का पाठ और अध्ययन किया जाता है.

Weekly Lucky Zodiacs: आज से शुरू हुआ नया सप्ताह इन राशियों के लिए रहेगा लकी, पढ़ें वीकली लकी राशियां

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. Inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता 

Tavishi Kalra
Published by Tavishi Kalra

Recent Posts

कैब में घूमती रही महिला, ड्राइवर से लिया उधार और किया लंच; पैसे मांगने पर पहुंची थाने

Gurugram News: एक महिला ने ओला कैब बुक की और ड्राइवर को तीन-चार घंटे तक शहर…

January 7, 2026

परीक्षा पे चर्चा के लिए कैसे करें रजिस्ट्रेशन? आसान भाषा में समझिए पूरा प्रोसेस

Pariksha Pe Charcha 2026: कक्षा दसवीं और बारहवीं की परीक्षा नजदीक आते ही परीक्षा पे…

January 7, 2026

‘देश से निकाला जा सकता है…’, ट्रंप सरकार ने भारतीय छात्रों को दी चेतावनी, अमेरिका में कानून उल्लंघन भारी पड़ेगा

US Embassy: पिछले कुछ महीनों में भारत-अमेरिका संबंधों में आई गिरावट का असर हर तरफ…

January 7, 2026

कौन हैं एरॉन जॉर्ज? साउथ अफ्रीका में तूफानी शतक से मचाया बवाल, क्या आईपीएल में भी दिखेगा जलवा?

Who is Aaron George: भारतीय अंडर-19 टीम के बल्लेबाज एरॉन जॉर्ज ने साउथ अफ्रीका के…

January 7, 2026