Uttarakhand Chardham Yatra 2026: उत्तराखंड के गढ़वाल हिमालय में स्थित पवित्र केदारनाथ मंदिर के कपाट 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे. यह घोषणा रविवार को उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने की. शीतकाल के कारण मंदिर लगभग छह महीने से बंद है.
महाशिवरात्रि पर तय हुआ शुभ मुहूर्त
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के जनसंपर्क अधिकारी के अनुसार कपाट खुलने की तिथि और समय का निर्धारण महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर किया गया. यह निर्णय भगवान केदारनाथ की शीतकालीन गद्दीस्थली ओंकारेश्वर मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान और पंचांग वाचन के बाद लिया गया. विद्वान आचार्यों और पुजारियों ने विधि-विधान के साथ शुभ मुहूर्त निकाला. विधि-विधान और मंत्रोच्चार के बीच यात्रा की तिथियों की घोषणा की
गई.चारधाम यात्रा का पूरा कार्यक्रम जारी
- गंगोत्री मंदिर और यमुनोत्री मंदिर के कपाट 19 अप्रैल को खुलेंगे.
- केदारनाथ धाम मंदिर 22 अप्रैल को सुबह 8 बजे खुलेगा.
- बद्रीनाथ मंदिर 23 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोला जाएगा.
केदारनाथ मंदिर बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक है और हर वर्ष यहां लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आस्था और पर्यटन दोनों के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है.
सुरक्षा और व्यवस्थाएं प्राथमिकता
पीएम पुष्कर सिंह धामी ने चकरपुर स्थित वंखंडी महादेव मंदिर में जलाभिषेक के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि 22 अप्रैल से केदारनाथ धाम के कपाट खुल जाएंगे और तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. उन्होंने कहा कि हर साल भगवान शिव के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ रही है. धामी ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार श्रद्धालुओं की सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य सुविधाओं को लेकर पूरी तरह सतर्क है. “देवभूमि उत्तराखंड आने वाले सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है,” उन्होंने कहा.
यात्रा को लेकर उत्साह
कपाट खुलने की घोषणा के साथ ही देशभर के श्रद्धालुओं में उत्साह देखा जा रहा है. चारधाम यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जाती है. स्थानीय व्यवसाय, होटल, परिवहन और तीर्थ पुरोहित इस यात्रा से जुड़े रहते हैं.

