Categories: धर्म

Ghar Mein Shivling Sthapna: घर में शिवलिंग स्थापित करना सही या गलत? क्या कहते हैं धर्मग्रंथ

Ghar Mein Shivling Sthapna: घर में शिवलिंग स्थापित किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए शास्त्रीय नियमों का पालन जरूरी है. शिवलिंग का आकार छोटा होना चाहिए और उसकी नियमित पूजा-अभिषेक अनिवार्य माना गया है.

Published by Ranjana Sharma

Ghar Mein Shivling Sthapna: हिंदू धर्म में भगवान शिव को संहार और सृजन के देवता के रूप में पूजा जाता है. शिवलिंग उनकी निराकार शक्ति का प्रतीक माना जाता है. मंदिरों में तो शिवलिंग की स्थापना सामान्य बात है, लेकिन कई लोग अपने घर में भी शिवलिंग स्थापित करना चाहते हैं. ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है कि क्या घर में शिवलिंग रखना उचित है, और यदि हां, तो उसकी स्थापना व प्राण-प्रतिष्ठा किस विधि से की जानी चाहिए.

क्या घर में शिवलिंग स्थापित करना चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार घर में शिवलिंग स्थापित किया जा सकता है, लेकिन इसके लिए कुछ नियमों का पालन अनिवार्य है. सबसे पहले शिवलिंग का आकार छोटा होना चाहिए. शास्त्रों में कहा गया है कि गृहस्थ जीवन के लिए अंगूठे के आकार से बड़ा शिवलिंग उपयुक्त नहीं माना जाता. बड़ा शिवलिंग अधिक नियमित और विस्तृत पूजन की अपेक्षा करता है, जो घर में संभव नहीं हो पाता. इसके अलावा यह भी जरूरी है कि जिस घर में शिवलिंग स्थापित किया जाए, वहां नित्य पूजा, जलाभिषेक और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए. शिवलिंग को कभी भी सूखा या उपेक्षित नहीं छोड़ना चाहिए. यदि प्रतिदिन विधिवत पूजा संभव न हो, तो केवल शिव-पार्वती का चित्र या छोटा पारद शिवलिंग रखना बेहतर माना जाता है.

Related Post

प्राण-प्रतिष्ठा पूजा क्या है?

अब बात प्राण-प्रतिष्ठा की. प्राण-प्रतिष्ठा वह वैदिक अनुष्ठान है, जिसमें मंत्रों और विधि-विधान के माध्यम से देवता का आवाहन कर मूर्ति या शिवलिंग में दिव्य चेतना स्थापित की जाती है. सामान्य स्थापना और प्राण-प्रतिष्ठा में अंतर होता है. यदि शिवलिंग की प्राण-प्रतिष्ठा कराई जाती है, तो उसकी नियमित पूजा अनिवार्य हो जाती है. प्राण-प्रतिष्ठा की प्रक्रिया आमतौर पर किसी विद्वान पंडित या आचार्य की देखरेख में की जाती है. इसमें सबसे पहले शुभ मुहूर्त का चयन किया जाता है. इसके बाद संकल्प लेकर गणेश पूजन, कलश स्थापना और हवन किया जाता है. वैदिक मंत्रों के उच्चारण के साथ शिवलिंग में प्राणों का आवाहन किया जाता है. अंत में पंचामृत और गंगाजल से अभिषेक कर आरती की जाती है.

क्या कहती है धार्मिक मान्यता

धार्मिक दृष्टि से माना जाता है कि प्राण-प्रतिष्ठित शिवलिंग केवल एक प्रतीक नहीं रहता, बल्कि पूजनीय और जागृत स्वरूप बन जाता है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा, शांति और आध्यात्मिक वातावरण का संचार होता है. हालांकि विद्वानों का कहना है कि यदि परिवार नियमित पूजा-पाठ और नियमों का पालन करने में सक्षम न हो, तो बिना प्राण-प्रतिष्ठा के साधारण रूप से शिवलिंग स्थापित करना ही उचित रहता है. इसलिए घर में शिवलिंग स्थापना का निर्णय श्रद्धा के साथ-साथ जिम्मेदारी को ध्यान में रखकर ही लेना चाहिए. नियमों का पालन और नियमित पूजा ही इस स्थापना को सार्थक बनाती है.

Ranjana Sharma
Published by Ranjana Sharma

Recent Posts

Yamaha XSR 155 Vs MT-15 V2: स्टाइल और स्पीड में कौन सी बाइक है बेहतर; यहां देखें सारी डिटेल्स

Yamaha XSR 155 Vs MT-15 V2: दोनों बाइक के दिल में 155cc, लिक्विड-कूल्ड सिंगल-सिलेंडर इंजन…

February 14, 2026

राजपाल यादव मामला! कितने रुपये के चेक बाउंस पर हो सकती है जेल? जानिए सजा और जुर्माना

Cheque Bounce Law: बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव को चेक बाउंस केस में छह…

February 14, 2026

Kela Kabz Mein Faydeman: क्या केला कब्ज में फायदेमंद? जानें कैसे करता असर और इसके लाभ

Kya Kela Kabz Mein Faydeman:केला कब्ज में फायदेमंद हो सकता है, खासकर जब वह पूरी…

February 14, 2026

Bhaumvati Amavasya: 2026 में कब है भौमवती अमावस्या,जानिए शिव और पार्वती की पूजा का शुभ समय और विधि

Bhaumvati Amavasya 2026: 2026 में भौमवती अमावस्या 16 फरवरी की शाम से 17 फरवरी की…

February 14, 2026

MG Majestor Vs Toyota Fortuner: पावर औऱ लग्ज़री में कौन-सी एसयूवी है ज्यादा दमदार, किसपर पैसे खर्च करना होगा सही?

MG Majestor Vs Toyota Fortuner Features: टोयोटा फॉर्च्यूनर में दो पावरट्रेन ऑप्शन मिलते हैं, जिसमें…

February 14, 2026

Indian Railway: 1 मार्च से बदलेगा टिकट बुकिंग का खेल! यात्रियों के लिए क्या है नया नियम?

Indian Railway: अगर आप रोजाना ट्रेन टिकट बुक करते है, तो यह आपके लिए बहुत…

February 14, 2026