Categories: धर्म

Diabetes Cure Karumbeswarar Temple: अगर आप भी हैं डायबिटीज के मरीज, तो इस मंदिर में करें दर्शन

Diabetes Karumbeswarar Temple: तमिलनाडु का करुम्बेश्वर शिव मंदिर शुगर के पेशेंट के लिए आस्था का केंद्र है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भक्त यहां चींटियों को चीनी व रवा खिलाकर शुगर कम होने का विश्वास रखते हैं. तो आइए जानते हैं कि ऐसा क्यों होता है?

Published by Shivi Bajpai

 Karumbeswarar Temple: देश में कई ऐसे मंदिर हैं जहां भक्तों का तांता लग रहा है. इसी में है तमिलनाडु के तिरुवरूर जिले में स्थित वेन्नी करुम्बेश्वर मंदिर. ये मंदिर भगवान शिव को समर्पित है. बताया जाता है कि ये मंदिर 1300 साल पुराना है और इसको लेकर कई रहस्य जुड़े हैं. यहां भगवान ‘करुम्बेश्वर’ यानी गन्ने के देवता के रूप में पूजा की जाती है.

भक्तों को दृढ़ विश्वास है कि यहां दर्शन करने से डायबिटीज यानी की शुगर ठीक हो जाती है. ये बीमारी आधुनिक दुनिया में आम हो गई है जिसको देखो उसको ही शुगर है. भक्तों का मानना है कि यहां किए गए साधारण लेकिन अनोखे अनुष्ठान से उनका बढ़ा हुआ शुगर लेवल कम हुआ है. तो आइए जानते हैं इसके पीछे का रहस्य.

Related Post

मंदिर का महत्व क्या है?

करुम्बेश्वर मंदिर 1300 साल पुराना है. यहां भगवान शिव की पूजा परमेश्वर के रूप में की जाती है. इसका अर्थ हैगन्ने का देवता. ऐसा कहा जाता है कि शुगर की बीमारी होने पर इस मंदिर में दर्शन करने से व्यक्ति को राहत मिलती है. यह स्थान नयनार के 275 शिव स्थलों में से एक है. यही कारण है कि इसका आध्यात्मिक महत्व बहुत अधिक है. इस मंदिर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है. दरअसल, नयनार 6वीं से 8वीं शताब्दी के बीच रहने वाले 63 तमिल हिंदू संत थे, जो भगवान शिव के प्रति समर्पित थे.

Premanand Maharaj: क्या पिछले जन्म के कर्मों का फल इस जन्म में मिलता है? जानें प्रेमानंद महाराज ने क्या बताया

अद्भुत अनुष्ठान से मिलती है शुगर में राहत

इस मंदिर की सबसे प्रसिद्ध रस्मों में से एक है चींटियों को प्रसाद बांटना. यहां भक्त चींटियों को चीनी और रवा चढ़ाते हैं. ऐसा मान्यता है कि जैसे ही चींटियां यह मीठा प्रसाद खाती हैं, वैसे ही भक्त का बढ़ा हुआ शुगर लेवल कम होने लग जाता है. भक्तों के लिए यह एक शक्तिशाली संकेत है कि उनके प्रसाद का उपयोग हो रहा है. ऐसा भी माना जाता है कि इससे उनकी बीमारी की गंभीरता कम होती है. अनगिनत भक्तों ने बताया है कि मंदिर में बार-बार आने के बाद उनके रक्त शर्करा का स्तर कम हो गया है.

Mokshada Ekadashi 2025: 1 दिसंबर या 2 दिसंबर कब रखा जाएगा मोक्षदा एकादशी का व्रत? जानें सही डेट, शुभ मुहूर्त और धार्मिक महत्व

Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें. Inkhabar इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

Shivi Bajpai
Published by Shivi Bajpai

Recent Posts

What is HIIT training: हाई-इंटेंसिटी इंटरवल ट्रेनिंग क्या है? जानें कैसे बदल सकती है आपकी फिटनेस

What is HIIT training: HIIT  कम समय में अधिक स्वास्थ्य लाभ देने वाला व्यायाम है.…

March 6, 2026

बिना GATE के IIT में लेना चाहते हैं ए़़डमिशन, तो आज ही जानें कैसे मिलेगा दाखिला; पढ़े जरूरी डिटेल

IIT Madras Without GATE: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) से पीजी की पढ़ाई करने के बारे…

March 6, 2026

New CM of Bihar: नीतीश के बाद कौन संभालेगा बिहार की कमान? दिल्ली दरबार में किसकी चमकेगी किस्मत, जानिए प्रबल दावेदार

New CM of Bihar: नीतीश कुमार के राज्यसभा नामांकन के बाद बिहार की राजनीति में…

March 6, 2026

UPSC CSE Final Result 2025 OUT: UPSC CSE का फाइनल रिजल्ट हुआ जारी, अनुज अग्निहोत्री बने टॉपर; upsc.gov.in से करें डाउनलोड

UPSC CSE Final Result 2025 OUT: यूपीएससी ने सिविल सेवा परीक्षा का फाइनल रिजल्ट जारी…

March 6, 2026

Viral Video: वर्दी की बेइज्जती! गार्ड को नचवाया, बेल्ट-डंडों से की पिटाई; वायरल हुआ शर्मनाक वीडियो

Viral Video: छत्तीसगढ़ से एक हैरान कर देने वाला वीडियो सामने आ रहा है. दरअसल,…

March 6, 2026