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Bhai Dooj 2025: सिर्फ 2 घंटे 15 मिनट का शुभ समय! इस बार आयुष्मान योग में मनाई जाएगी भाई दूज

Bhai Dooj Ayushman Yog: भाई दूज 2025 दीपावली के दो दिन बाद मनाई जाती है. लेकिन, इस बार आयुष्मान योग में केवल कुछ समय का ही शुभ मुहूर्त है. जानें तिलक लगाने का सही समय क्या होगा.

Published by Shraddha Pandey

Bhai Dooj Muhurat: दीवाली के दो दिन बाद आने वाला भाई दूज का त्योहार हर भाई-बहन के रिश्ते को और मजबूत बनाता है. इस साल भाई दूज 23 अक्टूबर 2025, शुक्रवार को मनाई जाएगी. इस दिन बहनें अपने भाइयों की लंबी उम्र और खुशहाली के लिए तिलक लगाती हैं, और भाई अपनी बहनों की रक्षा करने का वादा करते हैं.

इस बार भाई दूज का त्योहार (Bhai Dooj Ka Tyohaar) आयुष्मान योग (Ayushman Yog) में पड़ रहा है, जो बहुत ही शुभ माना जाता है. ज्योतिष के अनुसार, इस योग में पूजा करने से परिवार में सुख-समृद्धि आती है और रिश्तों में मिठास बनी रहती है. हालांकि, इस बार तिलक लगाने का शुभ मुहूर्त थोड़ा छोटा है. केवल 2 घंटे 15 मिनट का समय रहेगा, इसलिए बहनें इस वक्त के अंदर पूजा जरूर कर लें.

दृक पंचांग के मुताबिक भाई दूज 2025 का शुभ समय:

• तिथि शुरू होगी: 22 अक्टूबर 2025, रात 8 बजकर 16 मिनट 
• तिथि खत्म होगी: 23 अक्टूबर 2025, रात 10 बजकर 46 मिनट

इस साल भाई दूज पर 3 शुभ योग

इस साल भाई दूज पर 3 शुभ योग बन रहे. इस दिन आयुष्मान योग, द्वितीया तिथि में सर्वार्थ सिद्धि योग और रवि योग बन रहे हैं. आयुष्मान योग प्रात:काल से अगले दिन 24 अक्टूबर को सुबह 5 बजे तक रहेगा. यह योग भाई और बहन की आयु में बढ़ोत्तरी करने वाला होता है.

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इसके अलावा, द्वितीय ति​थि में 24 अक्टूबर को सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 4:51 से सुबह 6:28 तक रहेगा. वहीं, रवि योग भी 4:51 सुबह से 6:28 सुबह तक रहेगा. भाई दूज पर विशाखा नक्षत्र से लेकर अगले दिन सुबह 4:51 तक है, फिर अनुराधा नक्षत्र है.

तिलक लगाने का शुभ समय 

भाई दूज के दिन तिलक का शुभ मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 13 मिनट से दोपहर 3 बजकर 28 मिनट के बीच रहेगा. उसके बाद भाई को भोजन कराया जाता है. फिर भाई भी बहन को उपहार और आशीर्वाद देता है. 

भाई दूज की मान्यता?

कहा जाता है कि भाई दूज के दिन यमराज अपनी बहन यमुना के घर मिलने गए थे. यमुना ने उनका आदर-सत्कार किया और तिलक लगाकर उन्हें मिठाई खिलाई. इससे प्रसन्न होकर यमराज ने आशीर्वाद दिया कि जो भी बहन इस दिन अपने भाई को तिलक लगाएगी, उसके भाई की आयु लंबी होगी और उसे कभी अकाल मृत्यु नहीं आएगी. इसलिए हर साल दीवाली के बाद जब भाई दूज आता है, तो घरों में प्यार और रिश्तों की गर्माहट फिर से बढ़ जाती है. यह त्योहार सिर्फ एक रस्म नहीं, बल्कि भाई-बहन के रिश्ते की सच्ची भावना का उत्सव है.

Shraddha Pandey
Published by Shraddha Pandey

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