यूपी के भैंसा ‘सरपंच’ की कीमत है 14 करोड़, पूरे देश में सीमन की डिमांड; हर साल करता है लाखों की कमाई

UP Buffalo Sarpanch: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के इस भैंसे की चर्चा पूरे देश में है. बताया जाता है कि इस भैंसे ने अबतक 15 ट्रॉफियां अपने नाम कर ली है. इसकी कीमत 14 करोड़ रुपये है.

Published by Sohail Rahman

Uttar Pradesh Murrah Buffalo Sarpanch: उत्तर प्रदेश से बेहद मजेदार खबर सामने आ रही है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि विश्वविद्यालय में आयोजित अखिल भारतीय किसान मेले में एक अनोखा नजारा देखने को मिल रहा है. जहां एक पालतू जानवर भैंसा काफी चर्चा का विषय बना हुआ है. मुर्रा नस्ल के इस भैंसा का नाम सरपंच है, जो महज साढ़े चार साल की उम्र में 15 से अधिक ट्रॉफियों को जीतकर चैंपियन बन गया है. अगर इस भैंसे की कीमत की बात करें तो इसकी कीमत 14 करोड़ रुपये है.

भैंसे के मालिक ने क्या कहा?

उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर के रहने वाले राहुल देव ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि उनका सरपंच भैंसा उनके लिए बेहद कीमती है. आगे उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि इसकी कीमत 14 करोड़ रुपये लगाई जा चुकी है. लेकिन वह अभी भी इसे बेचने को तैयार नहीं हैं क्योंकि यह उनकी पहचान बन गया है. उन्होंने बताया कि मात्र साढ़े चार साल की उम्र में यह भैंसा 15 मेलों में भाग ले चुका है. हर बार उसने विशिष्ट प्रदर्शन किया है और ट्रॉफियों को अपने नाम किया है.

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‘सरपंच’ भैंसा का पारिवारिक इतिहास बहुत अच्छा है

राहुल देव आगे बताते हैं कि सरपंच का पारिवारिक इतिहास बहुत अच्छा है. उन्होंने बताया कि उनके पिता बिड़ला भी काफी प्रसिद्ध हैं. इसके अलावा, सरपंच की मां का नाम पारवती है. राहुल देव ने इस भैंसे के बारे में और अधिक जानकारी देते हुए बताया कि सरपंच की मां से अब तक आठ संतानें हुई हैं. जो अपनी नस्ल से विशेष पहचान बना रहे हैं.

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सालाना हो रही लाखों की कमाई

राहुल देव ने जानकारी देते हुए बताया कि इस भैंस के सीमन को बेचकर वो लाखों की कमाई कर रहे हैं. जहां भी जाते हैं वहीं लोग इस भैंसा के सीमन की डिमांड करते हैं. क्योंकि इसके सीमन से भैंसों की उन्नत नस्ल पैदा हो रही है. देश भर से लोग इसका सीमन खरीदने के लिए उनके पास आते हैं. उन्हें मेलों में भी बड़ी संख्या में लोग उनके सीमन की डिमांड करते हुए दिख जाते हैं. इसके आहार की बात करें तो इसे दूध, कैल्शियम, पौष्टिक आहार, सूखे मेवे और अन्य खाद्य पदार्थ दिए जाते हैं, ताकि इसका स्वास्थ्य हमेशा ठीक रहे.

इनके नाम सरपंच के पीछे भी एक अनोखी  कहानी है. यह उन जानवरों की खासियत है जो आमतौर पर आधे घंटे के अंदर अपने आप खड़े हो जाते हैं. सरपंच जन्म के तुरंत बाद खड़ा हो गया. इसलिए उसका नाम सरपंच रखा गया.

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