Delhi High Court: बच्चों को पिज्जा और छाछ दें पड़ोसी, जज ने रखी अनोखी शर्त, जानें क्या है पूरा मामला?

Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने पड़ोसियों के बीच हुए विवाद को एक अनोखे तरीके से सुलझाया है. कोर्ट ने मामले को निपटाने के लिए आदेश दिया कि दोनों पक्ष मिलकर एक बाल देखभाल संस्थान में बच्चों को पिज्जा और अमूल छाछ परोसेंगे.

Published by Mohammad Nematullah

Delhi High Court: दिल्ली हाईकोर्ट ने पड़ोसियों के बीच एक विवाद को सुलझाने के लिए एक अनोखा और दिलचस्प फैसला सुनाया है. कोर्ट ने आदेश दिया कि विवाद में शामिल दोनों पक्षों को एक सरकारी बाल देखभाल संस्थान में बच्चों और कर्मचारियों को संयुक्त रूप से पिज्जा और अमूल छाछ परोसना होगा. इस शर्त को पूरा करने पर उनके खिलाफ दर्ज पुलिस मामला खारिज कर दिया जाएगा.

पड़ोसियों के बीच विवाद एक पालतू जानवर को लेकर शुरू हुआ था. जो इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई. इस मामले में एफआईआर मानसरोवर पार्क पुलिस स्टेशन में दर्ज की गई. पड़ोसियों ने एक-दूसरे पर मारपीट और धमकी देने का आरोप लगाया. हालांकि बाद में दोनों पक्षों ने आपसी समझौते से मामले को सुलझाने का फैसला किया.

कोर्ट ने अनोखी शर्त सुनाई (The court imposed a unique condition)

कोर्ट में इस मामले की सुनवाई जस्टिस अरुण मोंगा ने की. उन्होंने इसे एक निजी विवाद माना और कहा कि इसे और आगे नहीं बढ़ाया चाहिए. कोर्ट ने इस मामले को सुलझाने के लिए एक अनोखी और मज़ेदार शर्त रखी. दोनों पड़ोसियों में से एक पिज्जा बनाने और बेचने का काम करता है. बस इसी जानकारी के अनुसार कोर्ट ने आदेश दिया कि दोनों पक्ष मिलकर दिल्ली के जीटीबी अस्पताल के पास स्थित संस्कार आश्रम में बच्चों और कर्मचारियों को मिक्स वेजिटेबल पिज्जा और अमूल छाछ बाटेंगे.

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हर एक बच्चे को मिलेगा पिज्जा (Each child will receive a pizza)

केर्ट ने स्पष्ट रूप से कहा कि हर बच्चे, कर्मचारी और सहायक कर्मचारी को एक पिज़्ज़ा और अमूल छाछ का एक टेट्रा दिया जाएगा.  जो पिज्जा बांटे जाएंगे वह शिकायतकर्ता द्वारा बनाए जाएंगे लेकिन दोनों पक्षों को मिलकर उन्हें पूरे काम को करना है. जांच अधिकारी को इस निर्णय को लागू करने की ज़िम्मेदारी सौंपी गई है.

समाज सेवा से खत्म होगा विवाद (Dispute will end with social service)

इस मामले में वकील नवीन कुमार ठाकुर, सतेंद्र, राम कुमार, उत्तम कुमार और सोनू कुमार ने याचिकाकर्ता अरविंद कुमार व अन्य की ओर से प्रतिनिधित्व किया. वकील दीपक कुमार और सतेंद्र चौहान ने प्रतिवादी प्रथम बिश्नोई व अन्य की ओर से प्रतिनिधित्व किया. इस निर्णय से न केवल विवाद का समाधान हुआ बल्कि इसे एक समाज सेवा के रूप में भी देखा जा रहा है. इससे बच्चों को स्वादिष्ट भोजन मिलेगा और पड़ोसियों के बीच  मेल-मिलाप बढ़ेगा.

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