Hartalika Teej 2025: इन महिलाओं को नहीं रखना चाहिए हरतालिका तीज का व्रत, नहीं तो लग सकता है ‘महापाप’!

Hartalika Teej Fast: हरतालिका तीज देवी पार्वती और भगवान शिव के बंधन का उत्सव है। लोग भक्ति, शांति और आशीर्वाद की कामनाएं भेजते हैं। यह त्योहार प्रेम, धैर्य और करुणा का संचार करता है। सुख और समृद्धि के लिए प्रार्थना की जाती है। उद्धरण विश्वास और शक्ति पर ज़ोर देते हैं।

Published by Preeti Rajput

Hartalika Teej Fast Rules 2025: हरतालिका तीज उन त्योहारों में से एक है जो एक ही समय में आध्यात्मिक और व्यक्तिगत दोनों ही अनुभूतियों से भरपूर होता है। यह वह दिन है जब प्रेम, आस्था और भक्ति मिलकर देवी पार्वती और भगवान शिव के बीच के विशेष बंधन के एक सुंदर उत्सव के रूप में प्रकट होते हैं, एक ऐसी क्लासिक प्रेम कहानी जिसकी हर पीढ़ी प्रशंसा करती है। महिलाएं उपवास करती हैं, प्रार्थना करती हैं और उस शाश्वत समर्पण का सम्मान करती हैं – अपने जीवन और रिश्तों में आशीर्वाद, खुशी और शक्ति लाने की आशा करती हैं। रीति-रिवाजों से कहीं बढ़कर, हरतालिका तीज जुड़ाव की भावना, खोज और आनंद का प्रतीक है।

महिलाएं क्यों रखती हैं ये व्रत?

हिंदू धर्म में हरतालिका तीज का व्रत सुहागिन औरतों के लिए काफी अहम होता है। इस दिन महिलाएं शिव जी और पार्वती जी की पूजा करती है। यह व्रत महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए करती हैं। साथ ही इस व्रत इस व्रत को रखने से दांपत्य जीवन भी सुख से भरपूर रहता है। हालांकि धार्मिक मान्यताओं और स्वास्थ्य की दृष्टि से  यह व्रत हर महिला को नहीं रखना चाहिए।

किन महिलाओं को यह व्रत रखने से बचना चाहिए?

गर्भवती महिलाएं- यह व्रत गर्भवती महिलाओं के लिए सही नहीं माना जाता है। क्योंकि इस व्रत में निर्जला उपवास की परंपरा होती है। जिसके कारण गर्भवती महिला और गर्भस्थ शिशु के स्वास्थय पर नकारात्मक असर पड़ता है। इसी कारण इन महिलाओं को यह व्रत नहीं रखना चाहिए।

बीमार या कमजोर स्वास्थ्य वाली महिलाएं- यह व्रत बीमार महिलाओं या कमजोर स्वास्थ्य वाली महिलाओं के लिए भी उचीत नहीं है। इस व्रत में काफी समय तक भूखे-प्यासे रहने के कारण शरीर पर काफी असर होता है। आप इस दौरान सामान्य पूजा कर भगवान का आशिर्वाद पा सकते हैं।

बुजुर्ग महिलाओं को नहीं रखना चाहिए व्रत- किसी भी व्रत को करने से पहले शारीरिक सामर्थ्य और स्वास्थ्य जरूर होना चाहिए बीमारी या कमजोरी में व्रत रखकर फल की प्राप्ति नहीं होती हैं। बुजुर्ग महिलाएं कमजोर होती हैं,इस व्रत को भूखे-प्यासे रखने से उनके शरीर पर गहरा असर पड़ेगा। 

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Disclaimer: इस आलेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है। पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। इन खबर इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है।

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