Gond Katira Benefits: गोंद कतीरा, जिसे ट्रैगाकैंथ गोंद भी कहा जाता है, प्राकृतिक रूप से मिलने वाला एक पौधे आधारित गोंद है. यह मुख्य रूप से पश्चिम एशिया और भारत के कुछ हिस्सों में पाया जाता है. आयुर्वेद में इसे पाचन, हाइड्रेशन और स्वास्थ्य सुधारने के लिए सदियों से इस्तेमाल किया जाता रहा है. गोंद कतीरा में फाइबर, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर की कई कार्यप्रणालियों के लिए लाभकारी हैं.
गर्मियों में सेवन करना सही या गलत
विशेषज्ञों के अनुसार, ग्रीष्म ऋतु में गोंद कतीरा का सेवन सुरक्षित और लाभकारी है. गर्मियों में शरीर में पानी की कमी जल्दी हो जाती है और अक्सर पाचन संबंधी समस्याएँ, कब्ज और गर्मी से होने वाली बीमारियाँ बढ़ जाती हैं. गोंद कतीरा पानी या दूध में भिगोकर पीने से शरीर में पानी की कमी पूरी होती है और गर्मी से होने वाली परेशानियों को कम किया जा सकता है. गोंद कतीरा के 5 प्रमुख फायदे…
पाचन सुधारता है
गोंद कतीरा फाइबर का अच्छा स्रोत है. यह आंतों की कार्यप्रणाली को सुधारता है और कब्ज जैसी समस्याओं को कम करता है. आयुर्वेद में इसे नियमित रूप से खाने से पाचन शक्ति मजबूत होने की बात कही जाती है.
शरीर को हाइड्रेट रखता है
गर्मी में शरीर से पानी जल्दी निकल जाता है. गोंद कतीरा पानी में घुलकर शरीर में नमी बनाए रखता है और डिहाइड्रेशन की समस्या को कम करता है.
त्वचा और बालों के लिए लाभकारी
गोंद कतीरा त्वचा और बालों के लिए भी फायदेमंद है. यह त्वचा में नमी बनाए रखता है, त्वचा की चमक बढ़ाता है और बालों को मजबूत बनाता है. आयुर्वेद में इसे त्वचा की समस्या और बालों की कमजोरी दूर करने के लिए भी सुझाया गया है.
प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करता है
गोंद कतीरा में एंटीऑक्सीडेंट और मिनरल्स पाए जाते हैं. ये शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में मदद करते हैं और बीमारियों से लड़ने की शक्ति बढ़ाते हैं.
रक्त शुगर और कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित करता है
कुछ अध्ययनों में पाया गया है कि गोंद कतीरा नियमित रूप से सेवन करने से रक्त शुगर और कोलेस्ट्रॉल का स्तर नियंत्रित रहता है. यह हृदय और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है.
सेवन का तरीका
गोंद कतीरा को पानी या दूध में 2-3 घंटे के लिए भिगो दें. इसके बाद इसे दिन में 1-2 चम्मच मात्रा में नियमित रूप से सेवन किया जा सकता है. ध्यान रखें कि अधिक मात्रा में सेवन करने से दस्त या पेट में हल्की समस्या हो सकती है.