Bone weakness: भारत में अधिकांश लोगों का मुख्य आहार रोटी, चावल, दाल और चाय पर आधारित है. जबकि ये भोजन ऊर्जा देने में सहायक हैं, इनमें हड्डियों को मज़बूत बनाने वाले जरूरी पोषक तत्वों की कमी हो सकती है. हड्डियों के लिए कैल्शियम, विटामिन D, प्रोटीन और अन्य मिनरल्स बेहद महत्वपूर्ण हैं. लेकिन रोज़मर्रा के पारंपरिक भोजन में अक्सर इन पोषक तत्वों की पर्याप्त मात्रा नहीं होती. इसके परिणामस्वरूप हड्डियाँ धीरे‑धीरे कमजोर हो सकती हैं और जोड़ों में दर्द की शिकायत बढ़ सकती है.
भारतीयों में बढ़ती गठिया की समस्या
डॉक्टरों का कहना है कि अब युवा और मध्यम उम्र के भारतीय भी गठिया और जोड़ों के दर्द से प्रभावित हो रहे हैं. इसके पीछे केवल उम्र का असर नहीं, बल्कि पोषण की कमी और जीवनशैली के कारण शरीर कमजोर पड़ता है. जोड़ों और हड्डियों को मजबूत बनाए रखने के लिए पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, कैल्शियम और विटामिन डी होना आवश्यक है. लेकिन अनियमित आहार, सब्जियों और डेयरी उत्पादों का कम सेवन, और अत्यधिक चाय‑कॉफ़ी की आदत इन तत्वों की कमी को जन्म देती है.
जीवनशैली और आदतों का असर
लंबे समय तक बैठना, व्यायाम की कमी, तनाव और पर्याप्त पानी न पीना भी जोड़ों और हड्डियों की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं. बढ़ती फ़ास्ट फ़ूड की खपत और शारीरिक गतिविधि में कमी के कारण हड्डियां कमजोर होती हैं और जोड़ों में सूजन और दर्द की समस्या जल्दी प्रकट होती है. विशेषज्ञ बताते हैं कि शरीर को आवश्यक पोषक तत्व और नियमित व्यायाम न मिलने से गठिया जैसी बीमारियाँ युवावस्था में ही सामने आ सकती हैं.
हड्डियां मजबूत रखने के लिए क्या करें
हड्डियों और जोड़ों की सेहत बनाए रखने के लिए संतुलित आहार बेहद जरूरी है. दूध, पनीर, दही, अंडा, हरी सब्जियाँ, नट्स और बीज हड्डियों के लिए लाभकारी माने जाते हैं. साथ ही, दिन में कम से कम 15‑20 मिनट धूप में समय बिताना, हल्का व्यायाम करना और स्ट्रेचिंग करना भी हड्डियों और जोड़ों की मजबूती के लिए जरूरी है.