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₹1 करोड़ का लोन, घर खोने का डर … फिर कैसे शार्क टैंक के नए जज मोहित यादव ने बना लिया ₹2,955 करोड़ की संपत्ति?

Minimalist founder: घर गिरवी रखने से लेकर शार्क टैंक इंडिया तक मोहित यादव की वो कहानी जिसने ₹1 करोड़ के रिस्क को ₹2,955 करोड़ की सफलता में बदल दिया.

By: Shivani Singh | Published: January 8, 2026 9:38:25 PM IST



Shark Tank India अपने पाँचवें सीज़न की तैयारी में है और इस बार चर्चा सिर्फ़ पिच या डील्स की नहीं, बल्कि जजों की नई एंट्री की भी है। सोशल मीडिया पर जिस नाम को लेकर सबसे ज़्यादा उत्सुकता दिख रही है, वह है Mohit Yadav कल्ट-फेवरेट स्किनकेयर ब्रांड Minimalist के को-फाउंडर.

जहाँ दर्शक नए आइडियाज़ और तीखे नेगोशिएशन का इंतज़ार कर रहे हैं, वहीं मोहित यादव की एंट्री ने शो को एक नया एंगल दे दिया है. वह सिर्फ़ एक और एंटरप्रेन्योर नहीं हैं, बल्कि चार्टर्ड अकाउंटेंसी से निकलकर ब्यूटी इंडस्ट्री के गेम-चेंजर बने उस नाम का प्रतिनिधित्व करते हैं, जिसने भारतीयों के स्किनकेयर और ब्रांड ट्रस्ट को देखने का नज़रिया बदल दिया.

एक नया शार्क Mohit Yadav

अगर आपने इंस्टाग्राम पर कभी सादी-सी, सफ़ेद बोतलों में पैक किया गया science-based skincare देखा है, तो मुमकिन है कि आपने मिनिमलिस्ट को पहचान लिया हो. कम डिज़ाइन, साफ़ लेबल और बिना ज़्यादा दावों के यही इस ब्रांड की पहचान बनी.

मिनिमलिस्ट की सोच सीधी थी: स्किनकेयर को आसान बनाना, ईमानदार रखना और हर किसी के लिए सुलभ बनाना। शायद यही वजह है कि यह ब्रांड उन Gen Z और मिलेनियल्स के बीच तेज़ी से लोकप्रिय हुआ, जो भारी-भरकम मार्केटिंग से थक चुके थे.

चार्टर्ड अकाउंटेंट से ब्यूटी इंडस्ट्री तक

मोहित यादव कोई आम ब्यूटी ब्रांड फाउंडर नहीं हैं। वह गोल्ड मेडलिस्ट चार्टर्ड अकाउंटेंट रहे हैं और उन्होंने Institute of Chartered Accountants of India से ऑल इंडिया रैंक 26 हासिल की. एंटरप्रेन्योर बनने से पहले उन्होंने Deloitte और Credit Suisse जैसी कंपनियों में काम करते हुए फाइनेंस, ऑपरेशंस और स्ट्रैटेजी को करीब से समझा. यही फाइनेंशियल समझ बाद में मिनिमलिस्ट की रीढ़ बनी, जहाँ हर प्रोडक्ट, हर क्लेम और हर नंबर पारदर्शिता के साथ रखा गया.

मोहित के नेतृत्व में मिनिमलिस्ट ने तेज़ रफ्तार पकड़ी. 2023 में कंपनी का रेवेन्यू लगभग 184 करोड़ रुपये रहा और 2024 के लिए 350 करोड़ रुपये का टारगेट रखा गया. लेकिन सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब Hindustan Unilever Limited (HUL) ने 2,955 करोड़ रुपये में मिनिमलिस्ट की 90.5% हिस्सेदारी हासिल की जो भारत के D2C सेक्टर के सबसे बड़े सौदों में गिना गया.

इस डील ने सिर्फ़ मिनिमलिस्ट को कॉर्पोरेट सफलता की कहानी नहीं बनाया, बल्कि मोहित यादव को नई पीढ़ी के एंटरप्रेन्योर का चेहरा भी बना दिया.

घर गिरवी रखकर 1 करोड़ रुपये का लोन

मोहित यादव ने अपनी कहानी शेयर की. उन्होंने बताया कि उनके शुरुआती दिनों में उनका भी बच्चों के कपड़ों का ब्रांड था, जो नहीं चला. उस वक्त उन्हें लगा कि बिज़नेस बंद करना मतलब फेलियर है. बाद में मिनिमलिस्ट शुरू करने के लिए उन्होंने अपना घर गिरवी रखकर 1 करोड़ रुपये का लोन लिया था. उन्होंने माना कि डर बहुत था, लेकिन वही फैसला उनकी ज़िंदगी बदल गया. मोहित ने भी रवि को नए विकल्पों के बारे में सोचने की सलाह दी.

नेट वर्थ और निवेश

मोहित यादव अपनी पर्सनल वेल्थ को लेकर कभी खुलकर बात नहीं करते. हालांकि इंडस्ट्री के अनुमान के मुताबिक, मिनिमलिस्ट में हिस्सेदारी और कई स्मार्ट इन्वेस्टमेंट्स जिनमें Bold Care जैसे ब्रांड शामिल बताए जाते है उनकी नेट वर्थ को काफ़ी मजबूत बनाते हैं.

मोहित यादव इस लाइन-अप में एक अलग सोच लेकर आते हैं, फाइनेंस-ड्रिवन, कस्टमर-फर्स्ट और ट्रांसपेरेंसी पर आधारित। उनसे उम्मीद की जा रही है कि वह स्केलेबिलिटी, सस्टेनेबिलिटी और प्रोडक्ट ईमानदारी पर सीधे सवाल पूछेंगे.

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