Republic Day 2026 Theme: हर साल भारत 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाता है. ये दिन हमें हमारी स्वतंत्रता, एकता और संविधान के महत्व की याद दिलाता है. हर साल इस दिन की परेड और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की एक विशेष थीम होता है, जो भारतीय गौरव और प्रगति को जोड़ता है. गणतंत्र दिवस 2026 का थीम हमारी देशभक्ति और इतिहास को उजागर करता है और आने वाले भविष्य की दिशा दिखाता है.
गणतंत्र दिवस 2026 का थीम
इस साल का थीम है ‘वंदे मातरम के 150 वर्ष’. ये थीम बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा 1876 में रचित फेमस गीत वंदे मातरम को समर्पित है. सालों में ये गीत केवल एक गाना नहीं बल्कि साहस, एकता और देशभक्ति का प्रतीक बन गया. इस थीम के माध्यम से भारत आज भी उस देशभक्ति की भावना को याद करता है जिसने स्वतंत्रता संग्राम में जनता को प्रेरित किया.
वंदे मातरम क्यों चुना गया?
वंदे मातरम सिर्फ एक ieve नहीं है; ये भारत और उसकी मातृभूमि के बीच भावनात्मक बंधन को दिखाता है. स्वतंत्रता सेनानियों ने इसे ब्रिटिश शासन के खिलाफ ताकत जुटाने के लिए गाया. आज भी ये हर भारतीय के दिल में गर्व और प्रेरणा भरता है.
2026 में जब ये गाना 150 साल पूरा कर रहा है, तो सरकार ने इसे गणतंत्र दिवस के मेन रूप में चुनने का फैसला लिया. इससे नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम में किए गए बलिदानों और उन मूल्यों की याद दिलाई जाएगी जिन्होंने राष्ट्र का निर्माण किया.
गणतंत्र दिवस परेड 2026 की विशेषताएं
इस साल की परेड में कई नई और आकर्षक विशेषताएं देखने को मिलेंगी:
भारतीय सेना नई Battle Array फॉर्मेशन पेश करेगी, जो मॉडर्न रक्षा शक्ति को दर्शाएगी.
दर्शक दीर्घाओं के नाम भारत की फेमस नदियों के नाम पर रखे जाएंगे, पुराने VVIP लेबल हटाए जाएंगे.
वंदे मातरम के 1923 में बनाए गए दुर्लभ चित्र बड़े स्क्रीन पर प्रदर्शित किए जाएंगे.
परेड के अंत में विशाल वंदे मातरम बैनर का अनावरण होगा और साथ ही आसमान में गुब्बारे छोड़े जाएंगे.
मेन मंच को थीम पर आधारित फूलों से सजाया जाएगा और वीडियो स्क्रीन पर गाने की यात्रा दिखाई जाएगी.
परेड टिकट और कंट्रोल कार्ड भी वंदे मातरम से जुड़े डिजाइन में होंगे.
देशभर में उत्सव
19 से 26 जनवरी तक पूरे भारत में वंदे मातरम पर आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
सेना, नौसेना, वायु सेना, कोस्ट गार्ड और CAPFs देशभक्ति पर आधारित प्रदर्शन करेंगे. बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के नैहाटी (पश्चिम बंगाल) स्थित जन्म और पैतृक घर पर विशेष कार्यक्रम होंगे, जो लोगों को गीत की जड़ों से जोड़ेगा.
दो यूरोपीय मेन अतिथि
गणतंत्र दिवस 2026 में एक विशेष कूटनीतिक अवसर भी देखने को मिलेगा. भारत ने यूरोपीय संघ के दो शीर्ष नेताओं को मेन अतिथि के रूप में बुलाया किया है:
अंतोनियो कोस्टा, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष
उर्सुला वॉन डेर लेयेन, यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष
दोनों नेता 25 से 27 जनवरी 2026 तक भारत का दौरा करेंगे. 27 जनवरी को वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ 16वें भारत–EU शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता करेंगे. इस दौरान व्यापार, तकनीक, जलवायु परिवर्तन और फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर चर्चा होगी. उनकी उपस्थिति भारत–EU संबंधों की मजबूती को दर्शाती है.
गणतंत्र दिवस का महत्व
गणतंत्र दिवस केवल एक परेड नहीं है, बल्कि ये भारत की संघर्ष से शक्ति तक की यात्रा का प्रतीक है. वंदे मातरम के 150 साल पूरे होने पर ये दिन हमारे अतीत का सम्मान और भविष्य के लिए प्रेरणा प्रदान करता है.
2026 का गणतंत्र दिवस इतिहास, संस्कृति, संगीत और गर्व के माध्यम से सभी भारतीयों को एकजुट करेगा. ये साबित करता है कि वंदे मातरम की भावना हर भारतीय के दिल में आज भी जीवित है.

