Republic Day 2026: रविवार को ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित किया गया. ये भारत का सबसे बड़ा शांति कालीन वीरता पुरस्कार है. शुभांशु शुक्ला पहले भारतीय हैं जो अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर गए. उन्होंने अंतरिक्ष में 18 दिन बिताए और ये यात्रा Axion-4 मिशन का हिस्सा थी. वो अंतरिक्ष जाने वाले भारत के दूसरे व्यक्ति हैं. पहले राकेश शर्मा 41 साल पहले अंतरिक्ष गए थे.
शुभांशु शुक्ला की खास बातें
शुक्ला ने Axiom Mission-4 (Ax-4) मिशन के पायलट के रूप में काम किया. उन्होंने भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र में नाम रोशन किया. शुक्ला एक फाइटर पायलट भी हैं और उनके पास लगभग 2,000 घंटे की उड़ान का एक्सपीरिएंस है. उन्होंने कई तरह के फाइटर विमान उड़ाए हैं, जैसे: Su-30 MKI, MiG-21, MiG-29, Jaguar, Hawk, Dornier और An-32. इस मिशन को अमेरिकी कंपनी Axiom Space ने चलाया और इसमें NASA, ESA और ISRO ने भी मदद की.
अन्य पुरस्कार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 70 जवानों को 301 सैन्य और वीरता पुरस्कार देने की मंजूरी दी. इनमें से कुछ मेन हैं:
अशोक चक्र: 1
कीर्ति चक्र: 3
शौर्य चक्र: 13 (1 मृत्युपरांत)
सेना मेडल (वीरता): 44
नौसेना मेडल: 6
वायु सेना मेडल: 2
महिलाओं की अद्भुत उपलब्धि
भारतीय नौसेना की दो महिला अधिकारी लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के और लेफ्टिनेंट कमांडर रूपा ए को शौर्य चक्र मिला. ये दोनों महिला अधिकारी INSV तारिणी पर आठ महीने में पूरी दुनिया की समुद्री यात्रा कर इतिहास रचा. उन्होंने लगभग 40,000 किलोमीटर की दूरी तय की.
और कौन-कौन सम्मानित हुए
कीर्ति चक्र से जो और लोग सम्मानित हुए हैं उनके नाम है-
मेजर अर्जदीप सिंह (1 असम राइफल्स)
नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा (2 पारा, विशेष बल)
ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर
नायर भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन गगनयान के लिए प्रशिक्षित चार अंतरिक्ष यात्रियों में से एक थे.
अशोक चक्र का महत्व
शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से सम्मानित करना इस बात को दिखाता है कि भारत अंतरिक्ष क्षेत्र को कितना महत्व देता है. ये पुरस्कार उन लोगों को मिलता है जिन्होंने बहुत ही साहसिक काम किए हों.